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Mau News: मनमानी फीस वसूलने की जांच करेंगी टीम

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जिले के कई निजी विद्यालयों में एक से दो माह की फीस के साथ स्कूलों में डेवलपमेंट फीस, माक टेस्ट सहित विभिन्न मदों के नाम पर ली जाने वाली मोटी रकम वसूलने के मामले में डीआईओएस ने दो सदस्यीय टीम गठित की है। टीम 15 दिनों में जांच रिपोर्ट देगी। जिले में 542 निजी विद्यालय हैं। एक अप्रैैल से नया शिक्षा सत्र चल रहा है। अधिकांश विद्यालय सीबीएसई तथा नाम मात्र विद्यालय आईसीएसई से संबद्ध हैं। अभिभावकों ने बताया कि विद्यार्थियों को एनसीईआरटी की जगह निजी प्रकाशकों की किताबें लेने को मजबूर किया जा रहा है। एनसीईआरटी की पुस्तकें तो हर दुकान में मिल जाती हैं पर निजी प्रकाशकों की किताबें संबंधित स्कूूलों की चिह्नित दुकानों पर ही मिलती है। समस्या को अमर उजाला ने सात अप्रैल के अंक में फीस-किताबों की महंगाई से अभिभावकों की जेब ढीली शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया। खबर प्रकाशन के बाद जिला प्रशासन के निर्देश के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग के आला अधिकारी हरकत में आए। जिला विद्यालय निरीक्षक ने जिले के चार नामचीन निजी विद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी किया था। अभी तक कालेज प्रबंधन ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है। इस पर डीआईओएस ने एक्शन लेते हुए दो सदस्यीय जांच टीम गठित की है। टीम में जिला समन्वयक माध्यमिक शिक्षा अभियान चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव तथा राजकीय उमा विद्यालय सुुल्तानीपुर के प्रधानाचार्य लल्लन सिंह यादव को शामिल किया गया है। जांच टीम स्कूलों में डेवलपमेंट फीस, माक टेस्ट सहित विभिन्न मदों के नाम पर वसूले जाने का रिकार्ड खंगालेगी। 15 दिनों के अंदर जांच रिपोर्ट जिला विद्यालय को प्रेषित करेगी।
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