मऊ। कोरोना संक्रमण के नए वेरिएंट जी-1 का देश के विभिन्न हिस्सों में मामले मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा सर्दी, बुखार, जुकाम के साथ संदिग्ध मिलने पर एंटीजन की जांच कराई जा रही है। विभाग की तरफ से आरटीपीसीआर जांच पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। इस जांच के लिए लिए जा रहे नमूने टड़ियांव लैब भेजे जा रहे हैं।
विभाग की तरफ से सभी सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों में सर्दी, जुकाम, बुखार के आने वाले मरीजों एंटीजन से जांच अनिवार्य कर दिया गया है। ज्यादा लक्षण वाले मरीजों का आरटीपीसीआर से जांच की जाएगी। विभाग की तरफ से जांच के दौरान कोई भी कोरोना का संक्रमित नहीं पाया गया है लेकिन विभाग की ओर से लगातार सतर्कता बरती जा रही है। जिला अस्पताल महिला अस्पताल और जनपद की सभी नौ सीएचसी के साथ पीएचसी पर आने वाले ऐसे संदिग्धों की जांच कराई जा रही है।
अस्पताल में जांच के दौरान इन सभी लोगों की सूची भी बनाई जा रही है, ताकि लैब की जांच में पाजिटिव मिलने पर संक्रमित का पूरा डिटेल मिलने उसकी पूरी हिस्ट्री आसानी से मिल सके। अस्पताल में आने वाले मरीजों की जांच के लिए अलग से काउंटर बनाए गए है, जहां उनकी जांच कराई जा रही है। एंटी जन की जांच कराई जा रही है जबकि लैब की जांच के लिए घोसी के टडियांव नमूने भेजे जा रहे है। लैब में नमूना भेजने के बाद चौबीस घंटे में उनकी रिपोर्ट मिल रही है।
कोरोना संक्रमण के नए वेरिएंट को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। सीएचसी व पीएचसी के साथ जिला अस्पताल और महिला अस्पताल पर कोरोना से मिलने वाले लक्षण के आधार पर जांच कराई जा रही है। एंटीजन से पॉजीटिव मिलने पर आरटीपीसीआर से जांच कराई जाएगी। - डा. बीके यादव, एसीएमओ