मऊ। गैंगस्टर एक्ट के अपराधियों को चिह्नित कर संपत्तियों को कुर्क किया जाए। अपराध से बनाई गई संपत्तियो को ध्वस्त किया जाए। जिलाधिकारी अरुण कुमार की अध्यक्षता में कानून व्यवस्था एवं अभियोजन शाखा की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। अभियोजन शाखा की समीक्षा के दौरान अभियोजन पक्ष ने बताया कि अधीनस्थ न्यायालय में कुल 84 वादों में निर्णय आया है। कोई भी मामला निर्णित नहीं हुआ।
अधीनस्थ एवं सत्र न्यायालय में कुल 24 मामले निर्णित हुए। जिनमें 12 में सजा एवं 12 में रिहाई का आदेश पारित हुआ है। जिलाधिकारी ने 12 रिहाई मामलों में कारणों की जानकारी लेते हुए अभियोजन पक्ष को अधिक सक्रियता दिखाते हुए अधिक से अधिक अपराधियों को दंड दिलाने के प्रयास करने का निर्देश दिया।
उन्होंने गत माह जनपद में चिह्नित माफियाओं के खिलाफ न्यायालयों में की गई कार्यवाहियों की जानकारी ली। समस्त महत्वपूर्ण फाइलों का गहनता से अध्ययन कर नजदीकी तिथियों में तारीख लेते हुए अपराधियों को सजा दिलाने के लिए विशेष प्रयास करने का निर्देश डीएम ने दिया। गैंगस्टर एक्ट के अपराधियों की फाइलों को खंगालने एवं उनकी चल एवं अचल संपत्तियों को चिह्नित कर कुर्क एवं ध्वस्तीकरण का निर्देश दिया।
उन्होंने समस्त एसएचओ को थाना स्तर के समस्त आंकड़े अपडेट करने का निर्देश दिया। गत माह लाउडस्पीकरों के खिलाफ की गई कार्रवाई की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। समस्त उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी एवं एसएचओ को इस पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। कहा कि नियम विरुद्ध बज रहे लाउडस्पीकर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय, सिटी मजिस्ट्रेट नीतीश कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक महेश कुमार अत्री, समस्त उपजिलाधिकारी, समस्त क्षेत्राधिकारी एवं समस्त थानाध्यक्ष तथा अभियोजन पक्ष के समस्त अधिकारी उपस्थित थे।