मऊ/मुहम्मदाबाद गोहना। जनपद में 2006 से 2013 तक बिजली महकमा में अधिशासी अभियंता पद पर तैनात रहे अधिकारी से निजी बैंकों के जीवन पॉलिसी के भुगतान के नाम पर 46 लाख 92 हजार रुपए की धोखाधड़ी की गई थी। मामले में छह नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उक्त अधिकारी ने मुख्यमंत्री और डीजीपी को शिकायती पत्र भेज कर कार्रवाई की मांग की है। अधिशासी अभियंता रामपाल ने जून से अगस्त 2012 के बीच प्राइवेट बैंकों की चार जीवन बीमा पालिसी खरीदी थी। बाद में पता चला कि उन्हें ठगा गया है। संबंधित बैंकों में शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। सात साल बाद 24 सितंबर 2019 को तथाकथित मुकुल भारद्वाज नाम के अधिकारी ने उक्त पालिसी की वैल्यू 25 लाख 70 हजार होने की सूचना देते हुए बैंक के सीईओ विकेश कुमार और राहुल मल्होत्रा के खाता में छह लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया। 25 लाख की लालच में रामपाल ने उक्त खाते में छह लाख जमा कर दिया। इसके बाद रामपाल से कई किस्तों में कुल 46 लाख 92 हजार रुपये ऐंठा गया। 10 महीना में कई बार वादा करने के बाद पैसा वापस नही मिला तो 10 मई 2020 को छह नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया। रामपाल मौजूदा समय में नोएडा में अधीक्षण अभियंता हैं। दो साल बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो रामपाल ने मुख्यमंत्री और डीजीपी को पत्र भेजकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर अपना पैसा वापस दिलाए जाने की गुहार लगाया है।