मुहमदाबाद गोहना के सैयदवाड़ा में अलम- ताबूत दुलदुल जुलूस में मातम करते लोग।संवाद
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मुहम्मदाबाद गोहना। सैयदवाड़ा मुहल्ला स्थित सुल्तान मियां के अहाता से 25 सफर पर शनिवार को असीराने कर्बला का जुलूस निकाला गया। अजादारों ने जुलूस में शामिल अलम, ताबूत और दुलदुल की जियारत की। रास्ते भर अजादार नौहा मातम करते रहे। इससे पूर्व हुई मजलिस में मौलाना जैदी ने कहा कि इमाम हुसैन उनके 72 साथियों को यजीदी फौज ने बर्बरता पूर्वक शहीद कर डाला। शहादत के बाद उनके परिजनों एवं संबंधियों को कैद करके कर्बला से कुफा और शाम ले जाया गया। यजीदी फौज ने महिलाओं एवं बच्चों पर जमकर अत्याचार किया। यहां तक कि इमाम हुसैन की चार साल की बच्ची जनाबे सकीना पर जुल्म की इंतहां कर डाली। कर्बला का यह बयान सुनकर अजादार जारो कतार रोने लगे। मौलाना नाजिम अली खैराबादी, मौलाना सैयद हुसैन जाफर, मौलाना सैयद आबिद रजा़, अतहर हुसैन ने भी मजलिस को खिताब किया। मजलिस के बाद दुलदुल, अलम एवं ताबूत के साथ जुलूस निकाला गया जो अपने परंपरागत रास्तों से होता हुआ सदर इमामबाड़े पर समाप्त हुआ। जुलूस के छोटे इमामबाड़े पर पहुंचने पर 18 बनी हाशिम के ताबूत निकाले गए। महिलाओं बच्चों एवं पुरुषों ने गमगीन माहौल में उनकी जियारत की। जीशान निजामाबादी ने ताबूतों का परिचय कराया। अंजुमन जीनतुल अजा, अंजुमन सिपाहे हुसैनी, अंजुमन सज्जादिया बड़ागांव घोसी, समेत स्थानीय अंजुमनो ने नौहाख्वानी की। इस दौरान सैयद अली, नौशाद जैदी, अली इमदाद जैदी आदि मौजूद रहे।