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दुष्कर्म के आरोपी को 14 साल की सजा: महिला आरक्षी ने पीड़िता से कहा था, मेडिकल कराने से खराब हो जाएगी बच्चेदानी

Thu, 25 Jul 2024 09:23 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।

सार

मऊ जिले में नाबालिग से दुष्कर्म करने के मामले में दोषी पाए गए आरोपी को 14 साल की सजा सुनाई गई। साथ ही 55 हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई गई।
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अदालत(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट राजवीर सिंह ने नाबालिग लड़की को शादी के आशय से बहला फुसलाकर भगाने तथा दुष्कर्म करने के मामले में सुनवाई के दौरान आरोपी को दोषी पाया। इसके बाद आरोपी को 14 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही कुल 55 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड जमा हो जाने पर 15 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया।
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विशेष न्यायाधीश ने अपने आदेश में लिखा है कि महिला आरक्षी कुमारी रेखा देवी ने पीड़िता को यह कह कर डराया कि अगर वह अपना चिकित्सीय परीक्षण कराती है तो उसकी बच्चेदानी खराब हो जाएगी।
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महिला आरक्षी के इस कृत्य से यह ज्ञात होता है कि महिला आरक्षी ने अभियुक्त को सहायता पहुंचाने तथा अभियोजन पक्ष को कमजोर करने का प्रयास किया है। विशेष न्यायाधीश ने पुलिस अधीक्षक को महिला आरक्षी कुमारी रेखा देवी के विरुद्ध जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है।

अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा की 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को आरोपी ने 20 नवंबर 2018 को शादी के आशय से बहला फुसलाकर भगा ले गया। इस दौरान आरोपी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया।

मामले में पुलिस ने शहर कोतवाली क्षेत्र के खालसा कानून गोयान चक टूटहवा पुल निवासी वीरेंद्र पुत्र नारायण के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी वीरेंद्र को दोषी पाया।
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