मऊ। फतेहपुर मंडाव ब्लॉक में पहले से कराए गए कार्यों पर ही नए कार्य कराने का टेंडर प्रकाशित कर एक करोड़ 40 लाख रुपए हड़पने की साजिश कैबिनेट मंत्री और आजमगढ़ मंडल प्रभारी डा. संजय निषाद के तेवर के बाद नाकाम होती नजर आ रही है। प्रदेश के मत्स्य विकास मंत्री ने आयुक्त ग्राम्य विकास को जांच कराने का आदेश दिया है। उनके निर्देश पर मंडलायुक्त ने जांच के लिए डीएम से कहा। जिस पर उन्होंने पूरी प्रकिया पर रोक लगाकर त्रिस्तरीय जांच समिति गठित कर दी है। अगले सप्ताह जांच करने की संभावना है। ब्लॉक के क्षेत्र पंचायत सदस्य शैलेश, अरविंद, बबीता, सदानंद एवं शिवभोरी ने कैबिनेट मंत्री एवं आजमगढ़ मंडल प्रभारी डा. संजय निषाद को 22 जून को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि फतेहपुर मंडाव ब्लाक पर क्षेत्र पंचायत समिति की बैठक 23 अप्रैल को हुई थी। बैठक में प्रमुख की अनुपस्थिति में कोरम पूरा किया गया। आठ जून को ब्लाक के विभिन्न स्थानों पर 98 विकास कार्यों के लिए टेंडर प्रकाशित किया गया। 16 जून तक टेंडर जमा किया जाना था। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि टेंडर में 40 ऐसे कार्यों को शामिल किया गया है जो पहले से अच्छी स्थिति में हैं। ऐसे कार्यों की लागत 1.40 करोड़ थी। टेंडर प्रकाशन के बाद इन कार्यों पर 1.40 करोड़ रुपयों के भुगतान की तैयारी थी। कैबिनेट मंत्री ने 22 जून को मंडलायुक्त को इस प्रकरण की जांच का निर्देश दिया। मंडलायुक्त के निर्देश पर डीएम ने प्रकरण की जांच के लिए डीसी मनरेगा उपेंद्र कुमार पाठक, सहायक अभियंता लघु सिंचाई और बीडीओ दोहरीघाट को निर्देश दिया। उन्होंने प्रकरण में आगे की प्रकिया पर रोक लगा दी है। जांच टीम बुधवार को मौके पर जाकर स्थलीय जांच करने वाली थी लेकिन बरसात के चलते नहीं जा सकी। बृहस्पतिवार को भी जांच नहीं हो सकी। शिकायतकर्ताओं ने साजिश में शामिल लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। डीसी मनरेगा उपेंद्र नाथ पाठक ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर इस प्रकरण की जांच की जानी है। शनिवार को समाधान दिवस के बाद इस प्रकरण की स्थलीय जांच की जाएगी और उसके बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।