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नौ दिन बीते जांच करने नहीं पहुंची समिति

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मऊ/अमिला। आईजीआरएस पर शिकायतकर्ताओं की शिकायतों को विभागीय जिलाधिकारी गंभीरता से नहीं लेते हैं। इसका जाता जागता उदाहरण बड़रांव ब्लाक के सोनाग्राम पंचायत में मिला है। पंचायत में स्ट्रीट लाइटों के नाम पर तीन लाख से अधिक की अनियमितता की शिकायत पर गठित जांच टीम नौ दिन बाद भी जांच करने मौके पर नहीं गई। शिकायतकर्ता ने जांच न होने पर धरना प्रदर्शन के लिए डीएम को पत्र भेजा है। ग्राम पंचायत सोनाडीह निवासी डा.अमित गुप्ता ने 26 अगस्त को आईजीआरएस पोर्टल पर आनलाइन प्रार्थनापत्र देकर प्रधान और सेक्रेटरी पर स्ट्रीट लाइटें लगाने के नाम पर लाखों की अनियमितता का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। जिलाधिकारी ने बीडीओ को जांच कराने के निर्देश दिया। पांच सितंबर को डीएम को पत्र भेजकर कहा कि जांच के लिए दो सदस्यीय जांच कमेटी बन गई है। जांच हो जाने पर रिपोर्ट भेजी जाएगी। लेकिन समिति गठन के नौ दिन बाद भी समिति जांच करने नहीं पहुंची। शिकायत कर्ता ने लिखा है कि मात्र साढ़े आठ सौ रुपये कीमत वाली स्ट्रीट लगाकर 3793.58 रुपये प्रति स्ट्रीट लाइट की दर से भुगतान मां शारदा इंटरप्राइजेज के बैंक खाते में सात जून 2022 को किया गया है। इन लोकल स्ट्रीट लाइटों पर ब्रांडेड कंपनियों का फर्जी स्टीकर लगाया गया है। आरोप लगाया गया है कि गांव में 100 स्ट्रीट लाइटें लगाना दर्शाया गया है जबकि 25 पुरानी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कर वही लगाई गई हैं। तर्क दिया है कि इस प्रकार इन 80 लोकल स्ट्रीट लाइटों के साढ़े आठ सौ रुपये की दर से कुल 68 हजार रुपयों की जगह तीन लाख 11 हजार तीन सौ अट्ठावन रुपयों की अनियमितता की गई है। खंड विकास अधिकारी बड़रांव गौरीशंकर यादव ने बताया कि प्रकरण की जांच के लिए दो सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है। अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। मिलते ही आख्या जिलाधिकारी को प्रेषित कर दी जाएगी।
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