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डीएम ने दो बीडीओ सहित आठ के विरुद्घ की कार्रवाई की संस्तुति

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मऊ। रानीपुर ब्लाक के कमरवां गांव में मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2020 में हुए विकास कार्यो में जांच के दौरान डीएम को काफी अनियतिता मिली। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने वर्तमान और तत्कानील खंड विकास अधिकारी के साथ आठ लोगों के विरुद्घ कार्रवाई करने की संस्तुति की। डीएम ने बीडीओ के विरुद्घ कार्रवाई करने के लिए शासन को पत्र लिखा। साथ ही संविदा कर्मचारियों का अनुबंध समाप्त करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी को पत्र भेजा। इतना ही नहीं सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश डीसी मनरेगा को दिया। जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि रानीपुर ब्लाक के बीडीओ हरिवंश प्रसाद के कार्यकाल में कमरवां गांव में हुए विकास कार्यो में काफी अनियमितता मिली। शिकायत पर इसकी जांच करने का आदेश वर्तमान बीडीओ जयेश कुमार सिंह को सौंपी गई। लेकिन उन्होंने विकास कार्य होने की रिपोर्ट दी। लेकिन शिकायत बरकरार रही। इस पर जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी दस जून को खुद कमरवां गांव पहुंचे। जांच के दौरान डीएम को कमरवां गांव में हुए 15 विकास कार्यो में अनियमिता मिली। इस दौरान सभी सड़कें तय मानक से कम लंबी, खेतों का समतलीकरण न होना पाया गया। विकास कार्य में 984950 रुपये का भुगतान किया गया था। काम में गडबड़ी मिलने पर जिलाधिकारी ने वर्तमान बीडीओ जयेश सिंह को इस लिए दोषी पाया कि उन्होंने जांच कर गलत रिपोर्ट पेश किया। जबकि तत्कालीन बीडीओ हरिबंश प्रसाद के कार्यकाल में यह काम हुआ था। डीएम ने दोनों को निलंबित करने के लिए शासन को पत्र भेजा। साथ ही गांव के प्रधान गोविंद राम, रोजगार सेवक मंजू देवी, तकनीकी सहायक अजय कुमार, एपीओ परवेज आलम, सेक्रेटरी विजय सिंह, और लेखाकार के विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज कराने और संविदा को समाप्त करने के लिए मुख्य विकाय अधिकारी राम सिंह वर्मा को पत्र भेजा। जिलाधिकारी ने बताया कि कमरवा गांव एक बानगी है मनरेगा कार्य में सबसे ज्यादा गोलमाल रानीपुर ब्लाक में हुआ है, जल्द ही सभी मामलों को खुलासा किया जाएगा। इस दौरान दोषियों के विरुद्घ कार्रवाई भी की जाएगी।
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