अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक मिथिलेश कुमार तिवारी ने मंगलवार को दुष्कर्म के मामले में नामजद दो आरोपियों की सुनवाई के बाद एक को दोषी पाने के बाद सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार का जुर्माना भी लगाया। आदेश दिया कि अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड जमा हो जाने पर आधी धनराशि पीडि़ता को देने का आदेश दिया। मामले में एक अन्य आरोपी राजकुमार माली को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार वादी की 15 वर्षीय पुत्री को आरोपी ओमप्रकाश पांडेय बहला फुसलाकर कर पैरवी के नाम पर कचहरी ले गया। वहां उसने चार-पांच कागजातों पर उसका हस्ताक्षर कराया, आरोप है कि उसने उससे दुष्कर्म किया। आरोपी राजकुमार माली भी इस षड्यंत्र में शामिल था। पुलिस ने तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर मधुबन थाना क्षेत्र के शुकुल पट्टी गांव निवासी ओमप्रकाश पांडेय और ताजपुर गांव निवासी राजकुमार माली के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में 7 गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष से दो गवाहों को पेशकर कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है।