बढुआ गोदाम। फर्जी वैकेंसी निकालकर आठ हजार युवाओं से करोड़ों की ठगी का आरोपी तीसरे दिन भी पुलिस की गिरफ्त से कोसों दूर है। आरोपी पर सरायलंखसी थाने में पहले से तीन अलग अलग मामलों में मुकदमा दर्ज है।
बताते चलें कि सरायलखंसी थाना सरवां गांव निवासी संजय यादव कृषि एवं पर्यावरण अनुसंधान संस्थान एनजीओ का निदेशक है। पिता एक छोटे से किसान हैं, संजय यादव लोगों से ठगी कर गाड़ी, मकान सहित खूब धन अर्जित किया है। वर्ष 2021 में इसके खिलाफ सरायलखंसी थाने में अलग अलग मामलों सहित कुल तीन मुकदमे दर्ज हैं, जिसमें एक मामला एनजीओ की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर लोगों से कई लाख रुपये की ठगी करने का है। जबकि दूसरा मामले में बीज विज्ञान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. एके सिंहा का बिना अनुमति के एनजीओ में नाम उपयोग कर फ्रॉड करने के मामले में वर्ष 2021 में संजय यादव जेल भेजा गया था। जेल से बाहर आने बाद वह 13 मार्च 2023 में बेबसाइट पर कपास मित्र और फार्म क्लीनिक इंचार्ज के दो हजार रिक्त पदों के लिए बेबसाइट पर फर्जी वैकेंसी निकालकर करीब आठ हजार से अधिक बेरोजगारों से करोड़ों रुपये की ठगी करने के मामले में आरोपी है। इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
बताते चले कि बीते शनिवार को बेबसाइट पर रोजगार के नाम पर फर्जी वैकेंसी निकालने के मामले में सरिता, विनित, ललित, चंद्रसेन, शेर बहादुर की तहरीर पर पुलिस ने मुख्य आरोपी सरवां गांव निवासी संजय यादव, पहाड़पुर गांव निवासी रसूल मोहम्मद के साथ आजमगढ़ के बबुरा गांव निवासी आनंद सिंह तथा गोहना निवासी सौरभ कुमार के खिलाफ संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज किया था।
इस संबंध में सरायलंखसी थाना प्रभारी संजय त्रिपाठी ने बताया कि मामले में दबिश दी जा रही है जल्द ही मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की जाएगी।