मऊ। जिले में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। इसकी एक वजह यह भी है कि जांच का दायरा बढ़ रहा है। कोविड-19 की जांच के लिए कई तरह के टेस्ट किए जा रहे हैं।इसमें आरटी- पीसीआर, रैपिड एंटीजन टेस्ट और ट्रू नेट टेस्ट है। एंटीजेन टेस्ट में दस मिनट के अंदर ही रिजल्ट पता चलने के चलते अन्य टेस्ट के बजाए इसे ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। जिले में बीते डेढ़ माह में बुधवार तक 23 हजार लोगों का एंटीजेन टेस्ट किया जा चुका हैं। इसके सापेक्ष बीते मार्च माह से बुधवार तक 22863 लोगों का सैंपल बीएचयू भेजा गया है। जिले में मिले 1198 मरीजों में 583 मरीज एंटीजेन टेस्ट में संक्रमित मिले हैं। बताते चले कि जिले में पहला कोरोना संदिग्ध मरीज बीते 17 मार्च को मिला। संदिग्ध मरीज को जिला अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड में रखने के साथ उसका सैंपल लेकर बीएचयू भेजा गया। तीन दिन बाद आई जांच में वो निगेटिव मिलने पर उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। वहीं 19 अप्रैल को कोपागंज के दोस्तपुरा में पहला मरीज मिलने के बाद आरटीपीसीआर जांच तेज कर दिया गया। बीते 26 अगस्त तक जिले से 22863 लोगों का सैंपल लेकर बीएचयू भेजा गया। इसमें 17810 की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। आरटीपीसीआर जांच में 615 लोग संक्रमित मिले है। जबकि 15 जुलाई के बाद से शुरू हुए एंटीजेन टेस्ट में 23 हजार लोगों का टेस्ट किया जा चुका है। इसमें 583 लोग संक्रमित मिले है। दरअसल एंटीजेन टेस्ट में 10 या 15 मिनट के अंदर रिजल्ट पता चलता है। वहीं आरटीपीसीआर जांच में 48 से 72 घंटे का समय लग रहा है।