मऊ। रतनपुरा विकास खंड के अतरौल पांडे गांव में बिना चक की पैमाइश कराए ही ग्राम प्रधान ने किसान की जमीन में चकमार्ग का निर्माण करा दिया। किसान ने अपने चक पर अतिक्रमण किए जाने का आरोप लगाते हुए विभागीय अधिकारियों को सूचना दी। मामले में तहसीलदार सदर ने थाना प्रभारी और राजस्व निरीक्षक के नेतृत्व में टीम गठित कर पहली जून को चकमार्ग की पैमाईश करने का आदेश जारी किया। नसीराबाद निवासी शिवानंद पांडे ने थाने में दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि अतरौल पांडे में आराजी नंबर 70 रकबा 1.400 हेक्टेयर भूमिपर अतिक्रमण करके ग्राम प्रधान लालजी ने उसके खेत में जबरदस्ती चकमार्ग का निर्माण कराया जाने लगा। गांव के चंद्रकेशर पांडेय, जोगेंद्र पांडेय, रामजी सिंह और पंकज आदि किसानों की शिकायत है कि पहले पैमाईश कराने के बाद चकमार्ग निर्माण करने की सिफारिश ग्राम प्रधान से की गई, लेकिन प्रधान ने किसानों के साथ बदसलूकी करते हुए निर्माण न रोकने की धमकी दी। किसान शिवानंद पांडे ने हलधरपुर थाने पहुंचकर प्रभारी निरीक्षक को तहरीर दी। थाना प्रभारी ने राजस्व निरीक्षक रामकृत पासवान से बात कर जमीन की पैमाईश कराने के लिए कहा। आरोप है कि ग्राम प्रधान ने प्रभारी निरीक्षक की बातों को दरकिनार करते हुए किसान की जमीन पर अतिक्रमण करते हुए रास्ते का निर्माण करा दिया। विवश किसान ने 30 मई को तहसीलदार सदर को प्रार्थनापत्र दिया। उन्होंने थानाध्यक्ष हलधरपुर को आदेश दिया कि वे राजस्व निरीक्षक के साथ राजस्व और पुलिस टीम के साथ मौके पर जाकर चकमार्ग की पैमाईश कराएं। इसके बाद ही चक मार्ग निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। उधर प्रधान लालजी का कहना है कि कोई जबरदस्ती नहीं की गई है, पुलिस के मना करने पर निर्माण कार्य रोकवा दिया गया है।