घोसी। कोतवाली के परिसर में रविवार की देर शाम उच्चाधिकारियों और शिया समुदाय के ताजियादारों के बीच वार्ता हुई। इस बैठक में भी प्रशासन और ताजियादारोंं के बीच नए रास्ते को लेकर निष्कर्ष नहीं निकल सका। प्रशासन ने ताजियादारों को नए रास्ते के विकल्प को लेकर विमर्श करने के लिए समय दिया है। ताजियादारों ने जुलूस के दौरान होने वाली समस्याओं को उच्चाधिकारियों के समक्ष रखा।अपर जिलाधिकारी भानु प्रताप सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक महेश सिंह अत्री, उपजिलाधिकारी सुरेश कुमार और रेलवे अधिकारियों की उपस्थिति में घोसी नगर के बड़ागांव नीमतल निवासी शिया समुदाय के ताजियादारों की वार्ता हुई। इसमें लोगों ने ताजिया एवं अलम का जुलूस रेलवे क्रासिंग को पार करके इमामबाड़ा जाकर दफन करने की मांग की। लेकिन इस वर्ष रेलवे प्रशासन ने उक्त रास्ते को बंद कर दिया है। इससे उक्त रासते से जुलूस नहीं जा सकता है। इसके लिए तहसील प्रशासन ने शिया समुदाय के सामने नव निर्मित रास्ते का प्रस्ताव रखा। जिस पर शिया समुदाय ने नए रास्ते से होकर निकलने वाली जुलूस के दौरान होने वाली समस्याओं को लेकर इंगित किया।इस प्रकार से जुलूस को लेकर हुई बैठक में रास्ते का कोई समाधान नहीं हो सका।