जिला अस्पताल में किशोर को कोविड की वैक्सिन लगातीं स्वास्थकर्मी।संवाद
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मऊ। जिले में 12 से 14 साल के बच्चों के कोरोनारोधी टीकाकरण ने रफ्तार पकड़ ली है। बीते दो दिनों में दो हजार से अधिक का टीकाकरण हुआ। इसकी वजह है कि स्वास्थ्य विभाग ने स्कूलों में टीकाकरण शुरू कर दिया है। साथ ही सरकारी अस्पतालों के अलावा स्कूलों में बूथ बनाए गए हैं। जिससे टीकाकरण की रफ्तार बढ़ गई है। दो दिनों में टीकारण की रफ्तार 10 से 14 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। जिले में कोरोना संक्रमण से रोकथाम को लेकर 16 मार्च से 12 से 14 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है। टीकाकरण मार्च तक अपनी रफ्तार नहीं पकड़ सका था। हालत यह थी कि16 मार्च को पहले दिन केवल 20 किशोरों ने ही टीकाकरण कराया था। होली अवकाश फिर परीक्षा के चलते यह ग्राफ अधिकतम 100 बच्चों तक ही पहुंच सका था। टीकाकरण भी शुरू में केवल जिला अस्पताल में हुआ, उसे बाद में सभी दस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फिर 40 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर शुरू किया गया था।इ लेकिन टीकाकरण का ग्राफ दस प्रतिशत से नीचे ही रहा। इसके बाद विभाग ने स्कूलों में टीकाकरण करने के लिए दो सदस्यीय 50 टीमें गठित कीं। एक अप्रैल से स्कूलों में टीकाकरण शुरू हुआ। दो दिनों में 2587 बच्चों का टीकाकरण किया गया। शनिवार को 20 स्कूलों में 1276 बच्चों का टीकाकरण किया गया। जिला प्रतीरक्षण अधिकारी डॉ. बीके यादव ने बताया कि जिले में 12 से 14 वर्ष के 93 हजार बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य है। रविवार तक 13 हजार 988 बच्चों को टीका लगाया जा चुका है। बीते दो दिनों में टीकाकरण का ग्राफ चार प्रतिशत से ज्यादा बढ़ चुका है। बताया कि सोमवार से गठित 50 टीमों 50 स्कूलों में टीकाकरण करेंगी, प्रतिदिन दो हजार से ज्यादा बच्चों का टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 12 से 14 साल के आयु वर्ग के बच्चों के टीकाकरण की शुरुआत जनपद में बीते 16 मार्च से हुई है। चलाए गए अभियान में शनिवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय पांती, कटघरा शंकर, चंद्रापार, दुबारी, मर्यादपुर, गंगऊपुर सहित 20 विद्यालयों पर स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे जिन्होंने एक हजार से अधिक बच्चों को कोविड का टीका लगाया। सरस्वती शिशु मंदिर, उच्च प्राथमिक विद्यालय मधुबन पर कुल 120 बच्चों को कोविड का टीका लगाया गया। टीकाकरण के प्रति बच्चों में भारी उत्साह रहा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. बीके यादव ने बताया कि तहसील क्षेत्र में टीकाकरण को गति नहीं मिल पा रही थी। इसलिए विद्यालयों पर विशेष कैंप लगा कर टीकाकरण कराया जा रहा है।