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दागी छवि वाले शिक्षक नहीं बनेंगे कक्ष निरीक्षक

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मऊ। यूपी बोर्ड की होने वाली परीक्षा में इस बार दागी छवि वाले शिक्षक कक्ष निरीक्षक नहीं बन सकेंगे। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने विद्यालयों से ऐसे शिक्षकों की सूची मांगी है। ताकि समय रहते नकल माफियाओं पर शिकंजा कसा जा सके। जिले में 517 माध्यमिक विद्यालय हैं। गत वर्ष संक्रमण के चलते बोर्ड की परीक्षाएं रद्द हो गई थीं। जबकि परीक्षार्थियों को प्रमोट कर दिया गया था। इस साल बोर्ड की ओर से जिले में 126 परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। बोर्ड से अंतिम सूची जारी तो नहीं हो सकी है, लेकिन परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने की कवायद तेज जरूर हो गई है। बोर्ड परीक्षा में 81464 परीक्षार्थी शामिल होंगे। पूर्व की बोर्ड परीक्षा में नकल गतिविधियों में संलिप्त होने की आशंका वाले कई परीक्षा केंद्रों से कई शिक्षकों और कर्मचारियों को ड्यूटी से हटाया भी गया था। अब सभी विद्यालयों से ऐसे शिक्षकों और कर्मचारियों की सूची मांगी गई है, जो पूर्व की परीक्षाओं में तटस्थ रूप से कक्ष निरीक्षक की भूमिका निभाने में असफल रहे हैं। उनको इस बार परीक्षा में कक्ष निरीक्षक का दायित्व नहीं सौंपा जाएगा। विभागीय अधिकारियों की मानें तो ऐसे शिक्षक और कर्मचारी जो परीक्षा की शुचिता बरकरार रखने की कसौटी पर खरे नहीं उतरे हैं, उनको कक्ष निरीक्षक का दायित्व न सौंपा जाए। इसके लिए सभी विद्यालयों से ऐसे शिक्षक-कर्मचारियों की सूची मांगी जा रही है। बोर्ड परीक्षा में साफ-सुथरी छवि वाले शिक्षक और कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया जाएगा। साथ ही जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में बनने वाले कंट्रोल रूम से सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए आनलाइन भी नजर रखी जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि बोर्ड परीक्षा को हर हाल में नकलविहीन संपन्न कराया जाएगा। माध्यमिक विद्यालयों द्वारा बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड की गई शिक्षकों की सूची की जांच पड़ताल चल रही है।
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