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Mau News: 1316 ग्राम पंचायतों में से 167 में शुरू हो सकी नल जल योजना

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जिले के नौ ब्लॉकों के 1316 ग्राम पंचायतों में नल जल योजना के तहत हर घर शुद्ध पेयजल के लिए पानी की टंकी और पाइप लाइन बिछाने का कार्य मार्च 2024 तक पूरा करना था। लेकिन समय सीमा के तीन माह से अधिक समय बीतने के बाद भी अब तक महज 12 फीसदी यानी 167 ग्राम पंचायत में ही पेयजल आपूर्ति शुरू हो सकी है। वहीं इस योजना के तहत कई गांवों में तो पाइप लाइन बिछाने के नाम पर सड़क खोद कर छोड़ दी गई है, ऐसे में जहां इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा हैं, वहीं इस दूसरी समस्या से ग्रामवासी बारिश में अलग से परेशान हो रहे हैं।
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बता दें कि जिले के सदर, मधुबन, मुहम्मदाबाद गोहना, घोसी तहसील के सभी ग्राम पंचायतों में नल से हर घर में जल पहुंचाने की केंद्र की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे एलसी इंफ्रा मेसर्स, जीए इंफ्रा, केएसएलआर कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके तहत मार्च 2024 तक यह कार्य पूरा हो जाना था, लेकिन अब तक जिले के 1316 राजस्व के सापेक्ष महज 167 ग्राम पंचायतों में ही पानी की टंकी का निर्माण कार्य पूरा हो सका है, जबकि अन्य गांवों में कार्य अभी प्रगति पर है। यानी योजना के तहत वर्तमान में केवल 167 गांवों में ही नल से जल की आपूर्ति की जा रही है। चौंकाने वाली बात है कि अभी तक पांच ग्राम पंचायतों में तो जमीन ही नहीं चिह्नित की जा सकी है। विभागीय दावा है कि अधूरे पड़ी टंकी के निर्माण कार्य में 84 गांवों में ओवरहेड का कार्य 50 प्रतिशत, 192 गावों में कार्य 75 प्रतिशत व 189 गांवों काम काम पूर्ण होने की ओर है। वर्तमान में बेला सुल्तानपुर, अरियासो, भावनपुर व सरायगनेश में जलनिगम द्वारा पानी की टंकी का निर्माण किया जा रहा है। अभी तक यह आधी अधूरी बनी है। काम के आंकड़े देखें तो एलसी इंफ्रा मेसर्स को 219 कार्य की डीपीआर मिली है, यानी 486 राजस्व गांव, लेकिन इसमें 215 पर कार्य शुरू हुआ है, जबकि 21 गांवों में पूरा हो चुका है। वहीं जीए इंफ्रा को 200 डीपीआर, 511 राजस्व ग्राम पंचायत में सभी में कार्य शुरू और 21 गांवों में काम में पूरा हो चुका है। वहीं केएसआरएल को 113 डीपीआर में 319 राजस्व गांवों में से 307 पर कार्य शुरू किया गया, लेकिन इसमें केवल एक गांव में काम पूरा हो चुका हैं।
शुद्ध जल मिला नहीं, लेकिन बढ़ा दी ग्रामीणों की परेशानी
योजना के तहत अभी कई ग्राम पंचायतों में कार्य 50 फीसदी से कम पूरा हुआ है, लेकिन यहां ग्रामीणों के लिए यह योजना किसी मुसीबत से कम नहीं साबित हो रही है। दरअसल पाइप लाइन बिछाने के नाम पर सड़क खोद दी गई, लेकिन पाइप लाइन बिछाने के बाद इसका मरम्मत नहीं कराया जा रहा है। इसका उदाहरण फतेहपुर मंडाव ब्लाक के महुई ग्राम पंचायत में देखा कि जहां पाइप लाइन बिछाने के नाम पर बनी इंटरलाकिंग को खोदकर छोड़ दिया गया, जिसके चलते बारिश होने पर यह पूरी सड़क धंस गई। वहीं फतेहपुर ताल रतोई ग्राम पंचायत में पाइप लाइन बिछाने के नाम पर खोदा गई सड़क मरम्मत के अभाव में ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन रही है।
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नवंबर 2024 तक सभी अधूरे ग्राम पंचायतों के कार्य पूरा करा लिया जाएगा। वहीं कार्य पूरा होने के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों का कार्य पूरा करा दिया जाएगा। -रामेश्वर दयाल
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एक्सईएन जल निगम
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