घोसी के बड़ागांव में आग के मातम के जुलूस मे तक़रीर करते मौलना शफ़क़त तक़ी।संवाद
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घोसी। नगर के बड़ागांव नीमतले स्थित अजाख़ाने अबू तालिब से रविवार की रात में कर्बला के सबसे छोटे शहीद इमाम हुसैन के बेटे हजरत अली असग़र की शहादत पर झूला व अलम का जुलूस निकाला गया। इस दौरान नौहा और मातम किया गया है। इससे पूर्व हुई मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना औन मुहम्मद ने कहा कि कर्बला के मैदान में जब एक एक कर के इमाम हुसैन के असहाबो अंसार शहीद हो गए। जब इमाम का कोई यारो मददगार नहीं बचा तो इमाम मैदाने कर्बला में आते हैं और आवाज देते हैं कि है कोई जो मेरी मदद को आये जिसे सुनकर अली असग़र ने अपने को झूले से गिरा दिया। इमाम ने बीबीयो से कहा अली असगर को मुझे दो। इमाम अली असग़र को मैदाने कर्बला में लाते हैं और फौजे यजीद से मुखातिब होकर कहते हैं कि ऐ फौजे जफ़ाकार अगर तुम्हारी नजर में मैं खतावार हूं तो इस बच्चे ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है, ये तीन दिन का भूखा और प्यासा है। इसे चंद क़तरा पानी दे दो। मगर फौजे यजीद से कोई जवाब नहीं मिला। उमरे साद आवाज देता है कि हुरमला कहां हो। इमाम के बच्चे को तीर मार कर क़त्ल कर दो। हुरमला का चलाया तीन अली असगर का गला काटता हुए निकल गया। इमाम ने अली असग़र के खून अपने चेहरे पर मला और कहा कि बेटा इसी हालत में नाना से मुलाक़ात करूंगा। नीमतले इमाम चौक के पास बूढ़े, बच्चे और नौजवानो ने दहकते हुए अंगारे पर मातम करके शहजादी फातिमा को उनके लाल का पुरसा दिया। इस अवसर पर हाजी ग़जनफ़र अब्बास, साजिद हुसैन, शाहिद हुसैन, शमीम हैदर, फिरोज हैदर,तफ़हीम हैदर, इफ्तेखार हुसैन, जफर अब्बास, गुलाम हैदर, जौहर अली, लुकमान हैदर, मोहम्मद अली,अहमद औन, हिकमत अली, मोहम्मद हैदर शामिल रहे।
घोसी नगर के बड़ागाँव में मोहर्रम पर दहकते आग पर मातम करते अकीदतमंद।संवाद- फोटो : MAU