मऊ। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार अनजान ने स्वामी अग्निवेश के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने कहा है कि स्वामी अग्निवेश आर्य समाज के बहुत ही प्रतिष्ठित प्रचारक एवं कर्मयोगी थे । उनकी विशेषता थी कि वह एक और स्वामी थे। आर्य समाज और अध्यात्म से लोगों को जोड़ते थे । उनका दृढ़ विश्वास था कि समतामूलक समाज के निर्माण से देश आगे बढ़ेगा द्य इस विश्वास के साथ भारत में सभी धर्मों के बीच में आपस में मेल भाव और सौहार्द रखने के वे प्रबल पक्षधर रहे। इसके लिए उन्होंने बड़ी मेहनत और लगन से काम किया। उनके विचार मात्र उपदेश नहीं होते थे , बल्कि वे कर्म की प्रधानता को लेकर सर्व धर्म मान्य पक्षों से भरपूर लैस रहते थे। बंधुआ मजदूरों को मुक्त करने के लिए एवं अंधविश्वास के खिलाफ अपने विचार रखने के कारण को कई बार उन्हें संकीर्णतावादी तत्वों का का निशाना भी बनना पड़ा। झारखंड में वर्ष 2018 में उनको इन संकीर्णता वादियों ने इतना पीटा कि उनका लीवर और किडनी गंभीर रूप से प्रभावित हो गया। विगत 2 वर्षों से वह दिल्ली के कई अस्पतालों में इसका इलाज करा रहे थे । अंतत: यही उनके लिए जानलेवा सिद्ध हुआ और वे हमेशा के लिए हमसे दूर हो गए। उनके निधन से सर्वधर्मसमभाव का एक प्रबल पक्ष कमजोर हो गया है। अनजान ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें एक सफल समाज परिवर्तनकारी , जैसा उपदेश देश वैसा ही कर्म के सिद्धांत पर चलने वाले महान स्वामी के रूप में याद किया है। अनजान ने कहा है कि भाकपा की राष्ट्रीय परिषद उनकी सामाजिक सेवाओं , प्रगतिशील, राजनीतिक सरोकारों और सामाजिक - धार्मिक एकता कायम करने की प्रतिबद्धता को सदैव स्मरण करती रहेगी।