कम्पोजिट विद्यालय शाहपुर में कक्षा आठ के बच्चों को शिक्षा ग्रहण कर आते प्रधानाध्यापक अजय कुमार ?
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मऊ। शीतावकाश के बाद खुले परिषदीय विद्यालयों के बच्चे बिना स्वेटर ठिठुरते हुए स्कूल पहुंच रहे हैं। कारण, अभी तक करीब 30 हजार अभिभावकों के खातों में यूनिफार्म की धनराशि नहीं पहुंच सकी है। ऐसे में बच्चें बिना स्वेटर के ही स्कूल पहुंच रहे हैं। जबकि अभिभावक धनराशि का अभी तक इंतजार ही कर रहे हैं। जिले के 1208 परिषदीय विद्यालयों में 167592 बच्चे पढ़ रहे हैं। यूनिफार्म खरीदारी में भ्रष्टाचार रोकने के लिए सरकार ने पिछले साल से यूनिफार्म की धनराशि अभिभावकों के खाते में भेजने की व्यवस्था की है। इसके तहत बच्चों को दो सेट नि:शुल्क ड्रेस, स्वेटर, जूता, मोजा, बैग आदि के लिए 1200 रुपये अभिभावकों के खाते में भेजा जाना है। शिक्षा सत्र का दसवां माह चल रहा है, लेकिन अभी तक शत प्रतिशत बच्चों के अभिभावकों के खाते में उक्त धनराशि नहीं भेजी जा सकी है। जबकि बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़े दिखा रहे हैं कि एक लाख 30 हजार बच्चों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी के जरिए धनराशि भेज दी गई है और 15 हजार के खातों में धन भेजे जाने की प्रक्रिया चल रही है। 13 हजार बच्चों का अभी आधार कार्ड नहीं बन सका है। उधर, विभागीय अधिकारी कह रहे हैं कि खाते में धन पहुंचने के बाद भी खासी संख्या में अभिभावक बच्चों के लिए ड्रेस, स्वेटर, जूता, मोजा आदि खरीदने में रुचि नहीं ले रहे हैं। जबकि शिक्षकों, छात्रों के माध्यम से अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है। दुबारी : फतहपुर मंडाव ब्लॉक क्षेत्र के दुबारी स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में पढ़ रहे 356 के मुकाबले 245 बच्चों के अभिभावकों के खाते में धन भेजा गया है। बीएसए डॉ. संतोष कुमार सिंह ने बताया कि 1.30 लाख बच्चों के अभिभावकों के खाते में धनराशि भेज दी गई है। 15 हजार बच्चों के अभिभावकों के खातों में धन भेजे जाने की प्रक्रिया चल रही है। शिक्षकों और बीईओ के माध्यम से अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है। बच्चों का आधार कार्ड कैंप लगाकर बनवाया जा रहा है। जल्द ही सभी बच्चों के अभिभावकों के खाते में धनराशि भेज दी जाएगी।
ुबारी प्राथमिक विद्यालय नंबर एक पर बिना स्वेटर के मौजूद बच्चे।संवाद- फोटो : MAU