जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले की चारों तहसील में पिछले साल की तरह इस वर्ष भी अगस्त महीने में भू-संपत्तियों के सर्किल रेट बढ़ाने के लिए सर्वे शुरू कर दिया गया है। सर्किल रेट शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 15 फीसदी बढ़ सकता है। जिले में नए सर्किल रेट लागू होने के बाद भू-संपत्तियां महंगी होंगी। स्टांप व्यय भी बढ़ जाएगा। यानी, बैनामे के लिए लोगों को ज्यादा रकम खर्च करनी होगी। मकान, प्लाट या कृषि भूमि खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों पर भार बढ़ेगा।
उत्तर प्रदेश स्टांप नियमावली में भू-संपत्तियों के हर वर्ष मूल्यांकन के पुनरीक्षण करने का प्राविधान है। जिले में 20 अगस्त 2022 में भू-संपत्तियों के मूल्यांकन के बाद सर्किल रेट में 10 से 15 फीसदी तक का इजाफा किया गया था। जबकि एक सितंबर 2020 में कोरोना महामारी के कारण सामने आईं समस्याओं के चलते सर्किल रेट में इजाफा किया गया था। इसके बाद बढते कोरोनाकाल के कारण वर्ष 2021 में सर्किल रेट का मूल्यांकन और पुनरीक्षण नहीं हो सका। जिलाधिकारी के आदेश के बाद नए सर्किल रेट तय करने के लिए सदर, घोसी, मुहम्मदाबादगोहना और मधुबन तहसील में
राजस्व विभाग ने सर्वे का काम शुरू कर दिया है। सर्वे कराकर प्रस्ताव बनाकर जिलाधिकारी को दिया जाएगा। जिसके बाद सर्किल रेट तैयार होगा।इसके बाद आम जनमानस से आपत्तियों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। लोगों की आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद ही सर्किल रेट लागू किया जाएगा।
इनसेट
इन गांवों में तय है सर्किल रेट बढ़ना:
मऊ।जिले के चारों तहसील में परिसीमन के बाद नगर पालिका और नगर पंचायत में शामिल हुए 54 गांवों की जमीनों के सर्किल रेट 10 से 15 प्रतिशत बढाए जा सकते हैं। इन गांवों में भी सर्वे कराया जा रहा है जिसका सर्किल प्रस्ताव तैयार कर जिलाधिकारी को दिया जाएगा।
कोट
-
सर्किल रेट बढ़ाने का शासन की तरफ से अभी लिखित आदेश नहीं आया है। अभी जिलाधिकारी के निर्देश पर चारों तहसीलों में उप निबंधक विभाग की तरफ से जमीनों के सर्किल रेट का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट प्रस्ताव बनाकर जिलाधिकारी को दिया जाएगा। जिलाधिकारी के निर्देश पर ही अगली कार्रवाई होगी। - राकेश सिंह, सहायक महा निरीक्षक निबंधन, मऊ