मऊ। अब गन्ना किसानों को गन्ना तौल कराने की सूचना मोबाइल एसएमएस के माध्यम से मिलेगी। कृषि विभाग ने किसानों के मोबाइल नंबर फीड कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिले के गन्ना किसानों को फसल का मूल्य दिलाने के लिए तौल केंद्र बनाए जाते हैं। लेकिन किसानों को तौल कराने के लिए चीनी मिल से लेकर अधिकारियों के कार्यालय तक चक्कर काटना पड़ रहा है। किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने गन्ना पेराई सत्र 2020-21 में किसानों को गन्ना तौल कराने के लिए सूचना एसएमएस के माध्यम से देने की कवायद तेज हो गई है। किसी भी किसान को गन्ना तौल पर्ची (कागज वाली) नहीं उपलब्ध कराई जाएगी। इस बाबत जिला गन्ना अधिकारी सुनील कुमार सिंह का कहना है कि गन्ना किसान अपना मोबाइल नंबर, गन्ना पर्यवेक्षक के माध्यम से चीनी मिल घोसी में फीड करा दें। अन्यथा किसानों को तौल संबंधी जानकारी नहीं प्राप्त हो पाएगी। मोबाइल में मैसेज इनबाक्स खजाली रखें। गन्ना सर्वेक्षण का कार्य प्रारंभ है। अबतक गन्ना पर्यवेक्षकों की तरफ से 3159 हेक्टेयर गन्ने का सर्वे कर लिया गया है। किसान अपने खेत पर उपस्थित रहकर गन्ना सर्वे का कार्य पूर्ण करा लें। सहकारी गन्ना विकास समिति घोसी में जाँच के दौरान अभी तक 756 मृतक सदस्य पाए गए।