मऊ। मऊ जंक्शन जिले में दो राजनैतिक दलों के नेताओं की राजनीति का केंद्र बिंदु बना हुआ है। बृहस्पतिवार को जंक्शन का निरीक्षण करने के बाद कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के बेटे डॉ. अरविंद राजभर के बयान पर सपा सांसद राजीव राय ने वीडियो जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी। दो मिनट बीस सेकेंड के वीडियो में घोसी के सपा सांसद ने बीते बुधवार को लोकसभा चुनाव में सुभासपा प्रत्याशी रहे अरविंद राजभर द्वारा हूटर बजाते हुए भारी संख्या में लोगों के साथ पहुंच कर मऊ स्टेशन का अनाधिकृत निरीक्षण करने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बोले कि अरविंद राजभर द्वारा उन पर रियलिटी चेक के नाम पर लगाए गए आरोप हास्यास्पद और बे-बुनियाद हैं। मुझे उम्मीद थी कि चुनाव हारने के बाद अरविंद ने कुछ सबक लिया होगा, लेकिन 8 महीने बीतने के बाद भी अपने लोगों को लेकर गैर-कानूनी तरीके से रेलवे स्टेशन पर जाकर रियलिटी चेक के नाम पर स्टंट बाजी करना और दुर्व्यवस्था पैदा करना मानसिक दिवालियापन दिखाता है। घोसी सांसद ने कहा मैंने लगभग 8 महीने पहले चुनाव जीतने के बाद मऊ के रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया था। उस दौरान जो कमियां वहां दिखाई दी थी उसके संबंध में रेल मंत्री से फोन पर बात की। पत्र के माध्यम से भी उनको वहां की समस्याओं से अवगत कराया था। साथ ही साथ रेलवे स्टेशन से सटे सईदी मार्ग की बदहाली का मुद्दा भी उठाया था। उस वक्त फोन पर वार्ता के दौरान रेल मंत्री ने कार्रवाई का आश्वासन भी दिया था। लेकिन ठोस कार्रवाई न होने पर मैंने इस बात को सदन में दोहराया था। इस प्रकरण को सदन में उठाने पर रेल मंत्री, रेल राज्य मंत्री तथा तमाम सत्ता पक्ष के सांसदों की मौजूदगी के बावजूद सब ने समस्या को ध्यानपूर्वक सुना लेकिन किसी ने किसी भी तरह की नकारात्मक टिप्पणी नहीं की। अब 8 महीने पुराने निरीक्षण का रियलिटी चेक करने का होश 8 महीने बाद अरविंद को आया है। जिस व्यक्ति को इतना भी ज्ञान ना हो कि मुद्दा कितने महीने पुराना है, उस व्यक्ति से जनता और क्या अपेक्षा करेगी। घोसी सांसद ने कहा 8 महीने पहले मेरे किए गए निरीक्षण तथा उसको रेल मंत्री के संज्ञान में लाने का ही नतीजा है, जो तत्कालीन शिकायतों में अब संभावित कुछ सुधार देखने को मिल रहा है। घोसी सांसद ने अरविंद को अनाधिकृत निरीक्षण करने का अधिकार देने वाले रेलवे अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर भी कठोर कार्रवाई की बात कही। अधिकारी बिना किसी संवैधानिक पद पर रहे व्यक्ति को रेलवे स्टेशन का अनाधिकृत निरीक्षण कैसे करने दिया? उनके साथ 50 से 100 लोगों का बिना रेलवे टिकट लिए रेलवे प्लेटफॉर्म पर घूमने के दौरान किसी ट्रेन के आ जाने पर यदि भगदड़ की स्थिति होती और कोई जान माल की क्षति होती तो जिम्मेदार कौन होता?