मऊ। गर्मी की छुट्टी खत्म होने के बाद शुक्रवार को जिले के माध्यमिक विद्यालय खुुल गए। पहले दिन शुक्रवार को विद्यालय में उत्सव जैसा माहौल रहा। हालांकि पहले दिन छात्र-छात्राओं की मौजूदगी कम रही। साथी एक दूसरे से मिले तो खूब बातें हुईं। जिले में 67 सहायता प्राप्त, 14 राजकीय सहित 436 मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में दो लाख छात्र छात्राएं अध्ययनरत हैं। शैक्षिक सत्र पहली अप्रैल से ही शुरू हो चुका है, पर गर्मी की छुट्टियों से कालेज बंद रहे। छुट्टी खत्म होने के बाद शुक्रवार को विद्यालय सुबह 7.30 बजे खुल गए। लेकिन 30 से 40 फीसदी ही छात्र छात्राएं उपस्थित हुए। हालांकि औपचारिक रूप से पठन-पाठन भी शुरू हो गया। राजकीय तथा सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में छठवीं से आठवीं कक्षा के बच्चों को नि:शुल्क किताबें दी जाती हैं। लेकिन इस बार उन्ेे अभी तक इसे बांटा नहीं गया। ऐसे में औपचारिक पढ़ाई बिना किताबों के ही हुई। उधर, यूपी हाईस्कूल, इंटरमीडिएट का रिजल्ट तो घोषित हो गया है, लेकिन अभी तक अंकपत्र नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में 11वीं में प्रवेश प्रक्रिया पर असर पड़ रहा है। स्कूल खुलने के पहले ही दिन छात्र छात्राएं तथा अभिभावक अंक पत्र के लिए पूछताछ करते रहे। नगर स्थित डीएवी इंटर कालेज के मुख्यद्वार पर ही शिक्षकों ने विद्यालय पहुंचे छात्र छात्राओं को कक्षाओं में भेजा। प्रधानाचार्य देवभाष्कर तिवारी ने बताया कि छठवीं, नौवीं कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो गई है। हाईस्कूल का अंक पत्र नहीं आया है। इससे प्रवेश प्रक्रिया में समस्या आ रही है। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि विद्यालय खुलने के पहले दिन 30 से 40 प्रतिशत तक छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही। रानीपुर : रामबन काझा स्थित बालक बालिका इंटर कालेज ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद शुक्रवार को खुल गया। शिक्षण कार्य शुरू होने से पहले समस्त अध्यापकों एवं छात्र छात्राओं ने वैदिक रीति से हवन पूजन किया। विद्यालय की उप प्रधानाचार्या विद्योतमा आर्या ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वैदिक यज्ञ कराया। हवन पूजन के बाद नई कापी और कलम की पूजा की गई।