बेमौसम हुई बारिश ने बनाई गई मजबूत सड़कों को उधाड़ डाला। ऐसे में मजबूती के तमाम दावों की पोल खुल गई। अब इन्हें बनाने के लिए जिम्मेदार आगे नहीं आ रहे। ऐसे में जहां आवागमन प्रभावित हो रहा तो वहीं लोग सड़क बनने की आस देख रहे हैं। एक लोकसभा और चार विधान सभा के साथ करीब 25 लाख की आबादी वाले जिले में करीब साढ़े पांच सौ किमी लंबा सड़कों का जाल बिछा है। इसमें प्रांतीय खंड के पास लगभग 270 और निर्माण खंड के पास 280 किमी लंबी सड़कें हैं। वित्तीय वर्ष बीत गया।सड़कों का रख रखाव जैसे तैसे चल रहा है। मार्च में बेमौसम बारिश से नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में कई सड़कों की हालत बद से बदतर गई है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढ़े हो जाने से वाहन से चलना तो दूर पैदल चलना मुश्किल हो रहा है। नगर के निजामुद्दीनपुर, मुंशीपुरा, निषाद नगर, मुसरदह मोड़, सहादतपुरा मुहल्ला, ताजोपुर, सिकटिया मोड़-भीटी मे बड़े और गहरे गड्ढे बन गए हैं। कहीं-कहीं सड़क उखड़ी हुई है। किसी-किसी सड़क पर चलना तो खतरा मोल लेना है। कहने को तो यह शहर की सड़कें हैं लेकिन स्थिति गांव की सड़क से भी बदतर है। पूर्व सभासद छोटेलाल गांधी, संजीव कुमार, श्रीप्रकाश यादव, संजय कुमार ने कहा कि नगरपालिका के आला अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया, लेकिन बदहाल सड़कों पर मरम्मत कार्य शुरू नहीं कराया जा सका है। वलीदपुर: मुहम्मदाबाद ब्लाक क्षेत्र की सात किमी लंबी वलीदपुर जीयनपुर मार्ग तथा मुहम्मदाबाद-घोसी मार्ग जर्जर हाल में है। मधुबन : तहसील तथ थाने मुख्यालय से जोड़ने वाला भैरोपुर मार्ग से लकुरा गांव तक जाने वाला लगभग दो किलोमीटर पिच मार्ग गड्ढे में तब्दील हो गया है। बेमौसम बारिश से यह जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। गजियापुर से अहिरुपुर, दुबारी से बिंटोलिया तक सड़क लगभग पांच वर्षों से जर्जर है। क्षेत्र के मनोज विश्वकर्मा, सुधीर सिंह, महेंद्र मौर्य का कहना है कि विभागीय अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया। बस आश्वासन ही मिला। रानीपुर: 32 किमी लंबा सरसेना-सलाहाबाद मार्ग, दौलसेपुर-तेंदुली दो किलोमीटर मार्ग, खुरहट रानीपुर मार्ग से सेमरी तक जाने वाली ढाई किलोमीटर सड़क कई वर्षों से जर्जर है। क्षेत्र के आलोक कुमार यादव, शोभनाथ सिंह, बिहारी लाल यादव का कहना है कि सड़क की हालत बद से बदतर होने से सड़क पर वाहन से चलना तो दूर पैदल चलना मुश्किल हो रहा है। अधिकारी शिकायत पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। मझवारा। क्षेत्र के खैरा से पवनी तक तीन किलोमीटर लंबी सड़क तथा मलेरीकोट से पहसा तक पांच किलोमीटर मार्ग गड्ढों में तब्दील है। शासन प्रशासन के तमाम फरमान जारी करने के बाद भी सड़कों पर अधिकारियों ने मरम्मत कार्य शुरू कराने की जहमत तक नहीं उठाई है। अभिषेक यादव, बृजबिहारी सिंह, रामनिवास यादव, रामअवतार शर्मा का कहना है कि बदहाल सड़कों के चलते क्षेत्र के विकास गति पर असर पड़ रहा है।