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Mau News: बढुआगोदाम में बनेगी एसटीपी, पांच साल बाद मिली दो हेक्टेयर में जमीन

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तमसा नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए नगर पालिका की ओर से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण का रास्ता अब साफ हो चुका है। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्रा की पहल पर बढुआगोदाम में एसटीपी के लिए दो हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है। डीएम ने खुद इसकी निगरानी करते हुए एसटीपी निर्माण को लेकर डीपीआर और दूसरे कार्य को पूरा करने का निर्देश दिया गया है। ताकि पांच से अटकी योजना को पूरा किया जा सके। वहीं, इस योजना के पूरा होने से तमसा नदी में दूषित पानी से स्वच्छ होगी।
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दरअसल, नगर के 45 वार्ड से निकलने वाले गंदे पानी को फिल्टर कर साफ करने के लिए नगर पालिका ने 2019 में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का प्रस्ताव तैयार किया था। इसके लिए कार्यदायी संस्था के रूप में जल निगम ने जमीन मांगी थी। लेकिन पांच साल तक नगर पालिका जमीन तलाश करती रह गई। अगस्त में जिलाधिकारी प्रवीण मिश्रा ने मामले की निगरानी करते हुए राजस्व विभाग की एक टीम गठित कर जमीन ढूंढने की जिम्मेदारी सौंपी। टीम ने एसटीपी के लिए बढुआगोदाम में भैंसही नदी के पास दो हेक्टयर से अधिक जमीन खोजी।
नगर पालिका ईओ दिनेश कुमार ने बताया कि एसटीपी के लिए जिला प्रशासन की ओर से जमीन चिह्नित की जा चुकी है। एसटीपी बनने से 45 वार्डों से निकलने वाला गंदा पानी फिल्टर होगा, उससे पहले सीवर लाइन से गंदा पानी एसटीपी प्लांट में पहुंचेगा। इसके बाद इसे फिल्टर करके तमसा नदी में छोड़ा जाएगा।
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एनजीटी टीम ने भी दिए थे निर्देश
2019 में जिले में आई राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की टीम ने तमसा नदी के साथ नगर पालिका क्षेत्र का निरीक्षण किया था। इस दौरान नदी के पानी का नमूना लेने के बाद टीम ने जिला प्रशासन को गाइडलाइन जारी की थी कि नगर पालिका क्षेत्र से निकलने वाले गंदे पानी को सीधे नदी में न गिराए जाने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार कर पानी को साफ करने के बाद ही नदी में गिराया जाए। जिसको लेकर तत्कालीन डीएम ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने कार्य की जिम्मेदारी जल निगम के साथ नगर पालिका को सौंपी थी।
किसानों को मिलेगा फायदा:
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगने से नगर क्षेत्र के 45 वार्डों से निकलने वाली गंदगी को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के जरिये शोधित किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद निकलने वाला कचरा, खाद के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। पानी को सिंचाई के कार्य में लाया जा सकेगा। परियोजना से जहां तमसा स्वच्छ होगी, वहीं नगर पालिका क्षेत्र के आसपास रहने वाले किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलने के साथ ही खाद भी उपलब्धता होगी। इससे नगर पालिका का राजस्व भी बढ़ेगा।
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