रात में घर लौटते वक्त ससुर ने अपनी बेटी की विदाई की बात कही। मना करने पर वो जिद करने लगे। मेरे बार-बार मना करने पर वो आक्रोशित हो उठे। मुझे अपशब्द बोलते हुए हाथापाई पर उतर गए। नर्वेश ने बताया कि इससे मुझे गुस्सा आ गया और मैंने उन्हें खेत में धक्का दे दिया। शराब के नशे के कारण वो उठ पाने की हालत में नहीं थे।
ऐसे में घर आया और धारदार हथियार लेकर वापस मौके पर पहुंचा। खेत में गिरे ससुर के गर्दन पर कई वार किए और वहां से भाग गया। खून लगे धारदार हथियार और कपड़ों को झाड़ी में फेंक दिया। अगले दिन शव मिलने पर खुद दोहरीघाट थाने पहुंचा और अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा चार दिन के अंदर कर दिया। मुकदमा दर्ज कराने वाला ही हत्यारा निकला। इस खुलासे से ग्रामीण हैरान हैं। नर्वेश तिवारी की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।