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मनमानी में नप गए एसओ मधुबन

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मऊ। मधुबन थानाध्यक्ष रहे इंस्पेक्टर सौरभ पर उनकी मनमानी भारी पड़ गई। गैर जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली के चलते पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय ने उन्हें निलंबित कर पुलिस लाइन से संबद्ध कर दिया। जबकि रानीपुर थानाध्यक्ष राम अवध को पिरुवाकांड के बाद कुर्सी गंवानी पड़ी, उन्हें पिजड़ा पुलिस चौकी प्रभारी बनाया गया है।इंस्पेक्टर सौरभ राय ने छह दिनों की छुट्टी का प्रार्थनापत्र एसपी को दिया था। लेकिन मंजूर दो ही दिन की हुई। चार दिन बाद भी वापस ड्यूटी पर नहीं लौटे और न ही एसपी को सूचना दी। एसपी ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने अवकाश के बाद गैर हाजिर रहने पर सौरभ राय को निलंबित कर दिया। उधर, रानीपुर थाना क्षेत्र के पिरुवा में 29 अगस्त की शाम को युवकों को मारने पीटने की घटना को लेकर एक पक्ष के तीन लोगों सहित 15 अज्ञात हमलावरों पर पुलिस टीम पर पथराव करने के आरोप में एसओ राम अवध द्वारा खुद ही मुकदमा दर्ज कराया गया। उन्होंने इसकी जानकारी एसपी को देना मुनासिब नहीं समझा। मामले में इलाहाबाद जनपद की नंबर प्लेट वाली एक सिपाही की कार से दो सिपाहियों को लेकर जिला अस्पपताल में डाक्टरी मुआयना कराया गया। इससे नाराज एसपी ने राम अवध को एसओ की कुर्सी से हटाकर पिजड़ा पुलिस चौकी की कुर्सी थमा दी। अब रानीपुर थाने के एसओ खैराबाद पुलिस चौकी प्रभारी मनोज प्रभाकर होंगे। एसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि बिना अवकाश और सूचना के थानाध्यक्ष का गैरहाजिर रहना अत्यंत गंभीर है। इसलिए उन्हें निलंबित किया गया। रानीपुर एसओ राम अवध ने निजी कारणों से थानाध्यक्ष पद पर कार्य करने में असमर्थता जताई थी। इसलिए उनकी जगह मनोज प्रभाकर को भेजा गया है।
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