घोसी। स्थानीय विधानसभा से अब तक हुए चुनाव में कोई भी महिला प्रत्याशी चुनाव जीत कर लखनऊ नहीं पहुंच सकी। घोसी से चुनाव लड़ चुकी चार महिलाओं में से डॉ. चंद्रलेखा राय व नीलम चौहान ही अच्छा प्रदर्शन कर सकी। जबकि घोसी विधानसभा में महिला वोटरों की तादात 48 प्रतिशत है। घोसी विधानसभा से महिला प्रत्याशी के रूप में सबसे पहले 2002 में निर्देल प्रत्याशी के रूप में सूरजी देवी ने चुनाव लड़ा था। उनके पति स्व. बेचन राम वर्ष 1996 में बसपा से घोसी के प्रत्याशी रहे हैं। चुनाव में सूरजी देवी चौथे स्थान पर रही थीं, उन्हें 9,997 मत मिला था। इस चुनाव में भाजपा से फागू चौहान को जीत मिली थी। वर्ष 2007 के चुनाव में स्व. कल्पनाथ राय की पुत्री डॉ. चंद्रलेखा राय ने सुभासपा से चुनाव लड़ा। वह इस चुनाव में तीसरे स्थान पर रहते हुए 27,372 मत प्राप्त किया था। इस चुनाव में भी फागू चौहान ने ही चुनाव जीता। इसके बाद 2012 के चुनाव में दो महिला प्रत्याशी मैदान में उतरीं, जनवादी पार्टी से नीलम चौहान तथा कांग्रेस से राना खातून ने भाग्य आजमाया। जनवादी पार्टी प्रत्याशी नीलम चौहान को 19,521 मत मिले, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी राना खातून को 3,493 मतों से ही संतोष करना पड़ा। चुनाव में नीलम चौहान को चौथा तथा राना खातून को पांचवां स्थान मिला था। इस चुनाव में सपा उम्मीदवार सुधाकर सिंह ने जीत दर्ज की थी। अब देखना होगा कि इस बार के चुनाव में महिला प्रत्याशियों पर कौन सा दल दाव आजमाता है।