मऊ। जिले के दो सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को कौशल मिशन के तहत प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग एवं कौशल विकास मिशन के बीच करार किया गया है। योजना के तहत कौशल विकास मिशन के सर्टिफिकेट कोर्स को माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाई के समय में ही संचालित किया जाएगा, जिससे यदि कोई छात्र कक्षा 10 या कक्षा 12 के बाद पढ़ाई नहीं करता है तो भी उसके पास रोजगार के लिए एक सर्टिफाइड कौशल उपलब्ध होगा। जिले में 14 राजकीय और 67 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। योजना के तहत सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों में वोकेशनल ट्रेनिंग के माध्यम से उन कौशलों के लिए विकसित किया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार मिलने में मदद मिले। इसमें हर कार्यदिवस में स्कूल टाइम के दौरान में नि:शुल्क सर्टिफिकेशन कोर्स संचालित किया जाएगा। सरकार की ओर से छात्र-छात्राओं को 11 विभिन्न ट्रेडों की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्यूटी एंड वेलनेस, ओडीओपी, रिटेल, ऑटोमोबाइल सहित कई रोजगारपरक विषय शामिल हैं। छात्रों की इच्छा के अनुरुप प्रशिक्षण दिया जाएगा। ट्रेनिंग पूरी होने पर विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाएगा। प्रथम चरण में नगर स्थित राजकीय बालिका इंटर कालेज और रतनपुरा क्षेत्र के अइलख स्थित राजकीय माध्यमिक स्कूल को चयनित किया गया है। सरकार का लक्ष्य कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को स्किल्ड बनाने का है। कौशल मिशन के तहत जिले के दो माध्यमिक विद्यालय को चयनित किया गया है। नामित एजेंसी विद्यालय में सर्वे के बाद कोर्स शुरू करेगी। ट्रेनिंग पूरी होने पर विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाएगा। - देवेंद्र कुमार गुप्ता, जिला विद्यालय निरीक्षक