दस अगस्त से चुनाव आयोग द्वारा घोसी विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा के बाद से यहां चुनावी मौहाल गर्म था। मंगलवार को घोसी के 239 मतदान केंद्रों के 455 बूथों पर मतदान के बाद प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया। आठ सितंबर मतगणना होगी। पिछले छह वर्ष में घोसी विधानसभा में यह चौथी बार मतदान हुआ। इसमें तो दो उपचुनाव 2019 से 2023 के बीच हुए।
अब तक इस चुनाव को छोड़कर हुए तीन विधानसभा चुनावों में दो बार भारतीय जनता पार्टी ने जीत हासिल की है। वहीं एक बार समाजवादी पार्टी की जीत हुई। इन चुनावों में भाजपा-सपा ने बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के मतों में सेंध लगाने में सफलता पाई।
घोसी में 4 लाख 30 हजार 976 मतदाता हैं। वर्ष 2017 के हुए चुनाव में 58.89 फीसदी चुनाव हुआ। इसमें भाजपा प्रत्याशी फागू चौहान ने 88298 मत प्राप्त कर जीत हासिल की। वहीं दूसरे नंबर रहे बसपा प्रत्याशी अब्बास अंसारी को 81295 मत मिले। तीसरे नंबर पर सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह को 59256 मत प्राप्त हुए। वहीं कांग्रेस ने कोई प्रत्याशी नही उतारा था। वहीं 2019 में भाजपा विधायक फागू चौहान को बिहार का राज्यपाल बनाए जाने और त्यागपत्र देने के चलते हुए उपचुनाव में 51.93 फीसदी मतदान हुआ।
जिसमें भाजपा प्रत्याशी विजय राजभर को 68371 मत प्राप्त हुए। सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह को 66598 मत मिले। बसपा के अब्दुल कयूम को 50775 मत मिले। वहीं इस चुनाव में कांग्रेस के राजमंगल यादव को 11624 मत मिले। ऐसे में इस चुनाव में बसपा को काफी मतों का नुकसान हुआ, जिसका फायदा भाजपा-सपा को मिला।
वहीं 2022 के आम विधानसभा चुनाव में 56.87 फीसदी मतदान हुआ। जिसमें भाजपा से त्यागपत्र देकर सपा से चुनाव लड़े पूर्व मंत्री दारा सिंह चौहान ने रिकार्ड 108430 मत पाकर जीत हासिल की। वहीं दूसरे नंबर भाजपा प्रत्याशी विजय राजभर को 86214 मत ही मिला, जो कि वर्ष 2019 उपचुनाव से कहीं अधिक था। वहीं इस चुनाव में बसपा के वसीम इकबाल को 54248 मत मिला तो कांग्रेस के प्रत्याशी प्रियंका यादव को मात्र 2012 मत मिला।
बसपा प्रत्याशी को अपने समुदाय के साथ बसपा के पारंपरिक मत मिले, लेकिन अन्य चुनावों की अपेक्षा यह कम था। यानी तीन चुनावों में भाजपा ने दो बार तो सपा ने एक बार जीत हासिल करने के साथ अपने मतदाताओं का ग्राफ बढ़ाने में सफल रहे हैं।
सुभासपा, निषाद पार्टी ने भाजपा को दिया है समर्थन
2022 के चुनाव में साथ साथ रहे दारा सिंह चौहान 5 सितंबर 2023 को हुए उपचुनाव में भाजपा से तथा सुधाकर सिंह सपा से आमने-सामने हैं।इस उपचुनाव में कांग्रेस, बसपा एवं कम्युनिस्ट पार्टी का कोई प्रत्याशी नही है। वहीं 2017 के चुनाव के बाद से बसपा के वोट में कमी आने लगी।यही हाल कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी का रहा। इस बार सुभासपा, निषाद पार्टी ने भाजपा को समर्थन दिया है। वही कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी ने सपा प्रत्याशी को समर्थन किया है।