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Mau News: मारपीट के क्रास केस में दो पक्षों के 6 लोगों को तीन-तीन वर्ष की सजा

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मऊ। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट हर्ष अग्रवाल ने मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने के क्रॉस केस मामले में नामजद 11 लोगों में एक पक्ष के चार और दूसरे पक्ष के तीन को दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद एक पक्ष के चार को तीन-तीन वर्ष की जेल के साथ ही 3-3 हजार रुपए अर्थदंड लगाया। वहीं दूसरे पक्ष के दो लोगों को तीन-तीन वर्ष की सजा के साथ ही 6-6 हजार रुपए अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। आरोपी धनमानी देवी के कोर्ट में उपस्थित न होने के चलते उसके विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया। वहीं दो की मौत हो जाने के चलते उनके विरुद्ध मुकदमा की कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी। दो आरोपियों के नाबालिग होने के चलते उनकी पत्रावली किशोर न्यायालय भेज दी गई। मामला चिरैयाकोट थाना क्षेत्र का है।
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हाफिजपुर रसूलपुर गांव में बच्चों के विवाद को लेकर 19 अप्रैल 2005 की सुबह 7 बजे दो पक्षों में मारपीट हुई। इसमें एक पक्ष के दीपक कुमार की तहरीर पर चंद्रभान यादव, सुभाष यादव, संजय यादव और साधु यादव को नामजद किया गया। वहीं दूसरे पक्ष के चंद्रभान यादव की तहरीर पर रामअवध राम, धनमानी देवी, दीपक ,सुनील, दूधनाथ, बृजेश और दुर्जन को नामजद किया गया। इसमें एक पक्ष के दीपक, धनमानी देवी, रामअवध और संदीप को चोटें आई थीं। वहीं दूसरे पक्ष के चंद्रभान यादव, सुभाष, संजय और फूलमती को चोटें आई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में जमा किया। एक पक्ष से सात और दूसरे पक्ष के आठ गवाहों को कोर्ट में पेश कर पक्ष रखा। बचाव पक्ष से दोनों मामलों में एक दूसरे की क्रास केस का हवाला देते हुए झूठा फंसाए जाने का कथन किया गया। विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद एक पक्ष के चंद्रभान यादव, संजय यादव, साधु यादव और सुभाष यादव को दोषी पाया। वहीं दूसरे पक्ष के धनमानी देवी, दूधनाथ और बृजेश को दोषी पाया। इस दौरान कोर्ट में धनमानी देवी उपस्थित नहीं रही ,उसके विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया गया। विशेष न्यायाधीश ने एक पक्ष के चंद्रभान यादव, संजय यादव, साधु यादव और सुभाष यादव को मारपीट, गंभीर चोट पहुंचाने और गाली देने के मामले में दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष की सजा के साथ ही 3-3 हजार रुपए अर्थदंड निर्धारित किया। वहीं दूसरे पक्ष के दूधनाथ और बृजेश को बलवा, मारपीट ,घर में घुसकर मारपीट करने, गंभीर चोट पहुंचाने, गाली व धमकी देने के मामले में दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष की सजा के साथ ही कुल 6-6 हजार रुपए अर्थदंड लगाया। अभियुक्त गण रामअवध और दुर्जन की मौत हो जाने के चलते उनके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी। वहीं आरोपी गण दीपक व सुनील के किशोर होने के चलते उनकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई थी।
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