फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आयुष ब्लॉक में दवाओं का टोटा

विज्ञापन
जिला अस्पताल में समय से पहले बंद पड़ा आयुष ब्लाक।संवाद - फोटो : MAU
विज्ञापन
मऊ। जिला अस्पताल कैंपस में एक ही छत नीचे मौजूद आयुष ब्लॉक में दवाओं का टोटा हो गया है। ऐसे में मरीजों को मजबूरी में दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही है। चिकित्सक भी पर्ची पर एलोपैथ की दवाएं लिख रहे हैं। यहां चिकित्सकों बराबर न बैठने से मरीजों का इलाज रामभरोसे है। आयुष ब्लाक स्थापित है। एक ही भवन मेें यूनानी, आयुर्वेद तथा होमियोपैथिक विधा के चिकित्सकों की तैनाती की गई है। बुधवार को अमर उजाला टीम ने अस्पताल का जायजा लिया तो दोपहर एक बजे होमियोपैथिक, यूनानी विधा के चिकित्सक नदारद मिले। मरीजों का पंजीकरण जिला अस्पताल के काउंटर से होता है। मरीज अपना इलाज आयुर्वेद, होमियोपैथिक, यूनानी से कराने तो आते हैं, लेकिन यहां अक्सर दवाओं का अकाल रहता है। प्रतिदिन ओपीडी प्रत्येक विधा में 25-30 ओपीडी ही होती है। चिकित्सक मरीजों को अपनी विधा मेें दवा लिखने के बजाय एलोपैथिक की दवा लिख देते हैं। यूनानी तथा होमियोपैथिक विधा से इलाज कराने आए शिवकुमार, शांति देवी का कहना था कि चिकित्सक कब आते हैं कब चले जाते हैं पता नहीं चल पा रहा है। डॉ. एमपी मौर्या ने बताया कि दवा की डिमांड की गई है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन रविंद्र नाथ ने बताया कि दवाओं की कमी नहीं है। चिकित्सक मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से दवा मंगा सकते हैं। औचक निरीक्षण में गायब रहने वाले चिकित्सकों की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें