लाकडाउन 3 के पहले दिन सोमवार की सुबह 10 बजे नगर के संस्कृत पाठशाला स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से
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मऊ। लॉक डाउन के तीसरे चरण में सोमवार को दुकानों को खोलने की इजाजत मिलने का परिणाम रहा कि लोग प्रशासन के आदेशों को दरकिनार कर सड़कों पर निकल पड़े। इस दौरान विभिन्न ट्रेडों की दुकानें भी खुली। आलम हुआ कि दस बजते बजते सड़क पर ऐसा नजारा हो गया जिससे लॉक डाउन नाम की कोई व्यवस्था दिखी ही नहीं। जानकारी हुई तो प्रशासन सख्त हुआ। डीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी और एसपी अनुराग आर्य ने सड़क पर उतरकर वाहनों की चेकिंग शुरू कराई। अकेले गाजीपुर तिराहे पर दोनों अधिकारियों की मौजूदगी में 25 वाहनों का चालान किया गया। साथ ही दो चार पहिया वाहन सीज किए गए। रविवार को जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया था कि तीसरे चरण में भी जिले की व्यवस्था वहीं रहेगी जो पहले से चलती आ रही है। डीएम ने प्लंबरिंग के साथ बिजली मैकेनिक और लूम के रॉ मैटेरियल (धागा आदि) की दुकानों को अतिरिक्त में खोलने का आदेश जारी किया था। उसमें भी शर्त थी, कि जीएसटी रजिस्टर्ड दुकानों को दुकानदार जिला प्रशासन से अनुमति प्राप्त करने के बाद खोल सकेगा। लेकिन पहले ही दिन जिला प्रशासन के आदेशों को को दरकिनार का लोग सड़क पर उतरे। इस दौरान बिजली के साथ साथ शराब, किराना, दवा के साथ कुछ कपड़ों की दुकानों को लोगों ने खोला। सड़कों पर काफी चहल पहल बढ़ गई। शराब की दुकानों पर खासी भीड़ दिखी। अचानक अधिक लोगों के सड़क पर आ जाने से जिला और पुलिस प्रशासन को सख्त होना पड़ा। इस दौरान अपराह्न डेढ बजे के करीब डीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, एसपी अनुराग आर्य के साथ शहर में निकले। अधिकारी द्वय ने गाजीपुर तिराहे पर खुद वाहनों की चेकिंग शुरु कराई। इसके बाद हड़कंप मच गया। देखते ही देखते भारी फोर्स गाजीपुर तिराहे पर पहुंच गई। इसके अलावा शहर के हर तिराहे चौराहों पर वाहनों की चेकिंग शुरु हो गई। प्रशासन के सख्त होते ही दुकानों के शटर गिरने लगें। वाहनों के साथ-साथ प्रशासन ने पैदल चलने वालों की भी सुधि ली। गाजीपुर तिराहे से निकले अधिकारियों का काफिला आजमगढ़ मोड़, बाल निकेतन होते हुए मिर्जाहादी का पुरा तिराहे तक गया।