कोपागंज। नौसेमर के तमसा तट स्थित और रामवन पथ के नक्शे में मौजूद पौराणिक शिव मंदिर में बुधवार को 25 हजार भक्त शिव का जलाभिषेक करेंगे। लेकिन मंदिर जाने वाला रास्ता गड्ढे में तब्दील हो गया है। लोग जान जोखिम में डालकर भक्त मंदिर पहुंचेगें। शिकायत के बाद भी न तो जनप्रतिनिधि और न ही प्रशासनिक अधिकारियों ने सुधि ली। केवल आश्वासन देकर इतिश्री कर ली जाती है। किवदंतियों के अनुसार 1718 में यह पूरा इलाका जंगल था। तमसा जल मार्ग से गाजीपुर के व्यापारी जंगबहादुर जायसवाल उक्त स्थान समीप पहुंचे तो नाव नदी बीच रुक गई। उन्हें शिवलिंग दिखाई पड़ा। खोदाई करते थककर व्यापारी सो गया। स्वप्न में भगवान भोले ने अपने प्रचंड रूप का दर्शन दिया। नींद खुलने पर हाथ जोड़ विनती कर उसे वहीं स्थापित कर दिया और मन्नत मांगी कि व्यापार में लाभ होने पर मंदिर बनाऊंगा। फिर मंदिर का निर्माण करवाया। तमसा नदी के किनारे सहरोज से ग्राम सभा पारा तक बने बंधे जो मंदिर जाने का मुख्यमार्ग है। बारह दुवारिया शिव मंदिर मार्ग होने के कारण दूर दूर गांवों के शिव भक्तों का आना जाना लगा रहता है। लेकिन बंधे की जर्जर होने और उसमें बड़े-बड़े गड्ढे होने के चलते लोगो को परेशानी उठानी पड़ती है। बंधे से बारहदुवरिया शिव मंदिर में आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए लाखों की लागत से 100 मीटर इंटरलॉकिंग ब्लॉक प्रशासन की ओर से 2019 में कराया गया था। इंटरलॉकिग होने से पहले बेस ठीक न बनने से मिट्टी जगह-जगह धंस गई है। वहीं तमसा नदी पर बनी सीढि़यां सदियों पुरानी होने के चलते जर्जर हो गई हैं। यही हाल नगर पंचायत क्षेत्र कोपा कोहना स्थित बहुरहवा महादेव मंदिर पहुंचने के लिए रास्ता ही नहीं है। इस संबंध में मंदिर प्रबंधक भुवाल यादव, अध्यक्ष रामविलास यादव और कोपागंज के गुलाब यादव, रुद्रदत्त त्रिपाठी, संजीव गुप्ता का कहना है कि मंदिर जाने के लिए मार्ग निर्माण के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जा सका है।