मेरी शादी प्रदेश के दूसरे जिले में हुई है, दो बच्चियां भी है। बीते दिनों पति मुझे घुमाने के लिए एक अंजान जगह ले गया और वहां छोड़कर फरार हो गया। यह गुहार एक महिला ने रविवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित परिवार परामर्श की बैठक में सदस्यों के समक्ष गुहार लगाते हुए कही। मांग की कि बच्चियों को उसके पति का साथ दिलाया जाए।
इस दौरान एक मामला ओर आया। जहां एक युवक ने गुहार लगाया कि उसकी पत्नी उसे और उसके दो बच्चों को छाेड़कर किसी दूसरे व्यक्ति के साथ रहती है। वहीं पत्नी ने परिवार न्यायालय से पति से खर्च का मुकदमा भी कर रखा है। सुबह दस बजे से दोपहर तीन बजे तक चले बैठक में 73 मामले पेश हुए जिनमें 27 मामलों का निस्तारण हुआ। इसमें सात मामलों में दंपती आपसी गिले-शिकवे भुलाकर साथ रहने को तैयार हो गए। जबकि दस मामलों में विपक्षी द्वारा नोटिस या फोन के बाद भी आने से इंकार करने की स्थिति में मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय लिया गया। बैठक में अर्चना उपाध्याय ,सर्वेश दूबे, मौलवी अरशद, शाहिद पैरिस मौजूद रहे।