पुलिस अधीक्षक सुशील घुले के निर्देशन में पुलिस लाईन सभागार में रविवार को एच्छिक ब्यूरो की बैठक हुई। बैठक में कुल 19 मामले प्रस्तुत किए गए। इनमें स्नेहलता देवी, राजूराम आपसी विवाद भूलकर सहर्ष एक साथ रहने को राजी हो गए। चार मामलों में केवल एक पक्ष उपस्थित हुआ। जबकि आठ मामलों में दोनों पक्ष अनुपस्थित रहे। बबली देवी, शशि साहनी प्रार्थना पत्र देकर स्वयं गैर हाजिर रहे। बिना कोई सूचना दिए गैर हाजिर रहने पर इनकी फाइल बंद कर दी गई। पिंकी सिंह, अभय कुमार पत्रावली में पिंकी के सुलह के लिए सहमत नहीं होने और कार्यवाही की जिद पर अड़ी रही। पिंकी के पास कार्यवाही के लिए कोई पर्याप्त सबूत नहीं था। इसलिए फाइल बन्द कर दी गई। परवीन उस्मानी, मसकर आलम की फाईल भी बन्द कर दी गई। निशा साहनी ,जयकिशन पत्रावली में भी पति-पत्नी केवल एक-दूसरे पर निराधार आरोप लगाते रहे और सुलह नहीं चाहते इसलिए फाइल बन्द कर दी गयी। सना आफरीन, मोहम्मद आसिफ में अभियोग की पेशकश की गयी। एच्छिक ब्यूरों की बैठक में सर्वेश दूबे, अर्चना उपाध्याय, मौलवी अरशद, महिला आरक्षी प्रीति दूबे तथा सोनी सिंह उपस्थित रही।