मऊ/कोपागंज। एनएचआई के जिम्मेदारों की उदासीनता और कोहरा फोरलेन पर बड़ी घटनाओं का सबब बन रहा है।सोमवार की भोर में कोपागंज थाना क्षेत्र के सहरोज स्थित फोरलेन पर निर्माणाधीन पुल से वाराणसी की तरफ जा रही एक टूरिस्ट बस नीचे जा गिरी। हादसे में बस में सवार चौदह यात्री घायल हो गए। इससे पहले बीते रविवार की रात कोहरे के चलते इसी पुल से एक कार के नीचे गिरने के बाद एक के बाद एक पांच कार टकराने से दंपति सहित तीन लोग घायल हो गए। इस जगह पर बीते दो माह में यह केवल दो बड़ी घटनाएं नहीं हुई हैं, बल्कि एक दर्जन से अधिक हादसे के बाद भी यहां रेडियम लगे संकेतक के जगह सामान्य संकेतक ही लगा है। जो कि सर्द मौसम और कोहरे के चलते इसका पता वाहन चालकों को नहीं लग पाता, जिससे डायवर्ट रास्ता का पता न चल पाने से अधूरे पुल की तरफ वाहन चालक चले जा रहे हैं।
बताते चले कि वाराणसी जिले के सारनाथ निवासी परिवार नेपाल स्थित पशुपतिनाथ दर्शन करने के लिए टूरिस्ट बस से गए हुए थे। जहां सोमवार की भोर में वह वापस लौट रहे थे, इस दौरान सहरोज स्थित डायवर्ट रूट पर मुड़ने के जगह बस चालक कोहरे के चलते संकेतक न दिख पाने पर निर्माणाधीन पुल की तरफ चला गया। फलस्वरूप बस निर्माणाधीन पुल की करीब सत्रह फीट की ऊंचाई से नीचे आ गिरी। हादसे में बस में सवार चौदह यात्री घायल हो गए, इसमें विशाल सिंह (22), राजकुमार यादव (30), संदीप (30), सूरज पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोगों ने कोपागंज पुलिस को सूचना दी, पुलिस ने सभी घायलों को कोपागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाकर भर्ती कराया। यहां चार घायलों की हालात गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर किया, जहां से इनके परिजन इन्हें वाराणसी ले गए। इस जगह पर 48 घंटे के भीतर यह दूसरी बड़ी घटना है।
तीन कारण जो कि बन रहे थे हादसों की मुख्य वजह
सहरोज के पास हादसों का लगातार होने के पीछे कोहरा तो एक प्रमुख कारण है, इसके अलावा दो अन्य कारण भी है। इसमें एक बिना रेडियम का संकेतक लगना और निर्माणाधीन पुल का बेहद धीमी गति से कार्य होना। हादसों के लगातार होने के बाद भी यहां एनएचआई के जिम्मेदारों ने रेडियम वाला संकेतक लगाना उचित नहीं समझा है।
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डीएम ने लिया संज्ञान, अब हादसों पर लगेगा ब्रेक
टूरिस्ट बस के निर्माणाधीन पुल से गिरने की घटना को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अरूण कुमार ने तीन सदस्यीय टीम गठित की। इसमें एरआटीओ सुहेल अहमद, पीडब्लूडी एक्सईएन रामनिवास यादव तथा सीओ ट्रैफिक शीतला प्रसाद पांडेय शामिल है। यह तीनों अधिकारी घटना की जानकारी होने के बाद घटनास्थल पर पहुंचे और निर्माणाधीन पुल को जाने वाले रास्ते का ब्लॉक किया। साथ ही डायवर्जन वाले मोड़ पर रेडियम वाला संकेतक लगाने का कार्य किया गया। इस संबंध में जिलाधिकारी अरूण कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में है, तीन सदस्यीय टीम गठित कर मामले में पूरी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।