मऊ। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने एसडीएम से कहा है कि गलत रिपोर्ट लगाने वाले लेखपाल और कानूनगो पर कड़ी कार्रवाई करें। वह करेत्तर राजस्व वसूली और राजस्व कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को हुई बैठक में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के विभिन्न धाराओं में लंबित वादों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश भी दिया। विशेष कर धारा 24 एवं धारा 116 में कानूनगो और लेखपाल को समय से आख्या न भेजने और वाद निस्तारण न होने पर कड़ी नाराजगी जताई। समय सीमा के अंदर ही कानूनगो एवं लेखपाल से आख्या देने का निर्देश दिया। उसके अलावा एंटी भू माफिया की समीक्षा के दौरान गलत रिपोर्ट लगाकर पट्टा आवंटन करने वाले लेखपालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भी आदेश दिया। इसके साथ ही धारा 34 में 45 दिन के ऊपर के समस्त लंबित वादों का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश संबंधित पीठासीन अधिकारियों को डीएम ने दिया। जबकि भू आवंटन को लेकर उन्होंने सिर्फ पात्र लोगों को ही पट्टा जारी करने का निर्देश दिया। स्टांप रजिस्ट्रेशन की समीक्षा में उन्होंने पांच बड़ी रजिस्ट्री का स्थलीय सत्यापन भी करने को कहा, इससे स्टांप चोरी का पता लगेगा। आइजीआरएस एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा के दौरान विभागों के असंतुष्ट फीडबैक ज्यादा पाए गए उसमें तत्काल सुधार करने के निर्देश डीएम ने दिया। डीएम ने लक्ष्य की तुलना में कम राजस्व पर संबंधित विभागों को अगले माह में बेहतर प्रदर्शन कर राजस्व बढ़ाने का निर्देश दिया।
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लक्ष्य की तुलना में परिणाम
व्यापार 67. 71%
स्टांप रजिस्ट्रेशन : 86.08 प्रतिशत
परिवहन कर : 76.62%
आबकारी : 84.91 प्रतिशत
खनन : 47.02 प्रतिशत
विद्युत देय 58.83 प्रतिशत
भू राजस्व 33.58 प्रतिशत
सड़क और पुल से राजस्व : 27.78 प्रतिशत