मऊ। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या की तरफ से भूमिहीन एवं सीमांत किसानों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए अनुसूचित जाति उप-परियोजना के अंतर्गत किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का आयोजन रानीपुर ब्लाक क्षेत्र के शादीपुर में आयोजित किया गया। इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने आधुनिक खेती-किसानी के टिप्स दिए। इस दौरान किसानों को कृषि उपयोगी भंडारण के लिए कोठिला, छिड़काव मशीन, सिंचाई पाइप, चारा काटने की मशीन, धान के बीज का नि:शुल्क वितरण किया गया। मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम उद्घाटन करते हुए कहा कि जब अन्नदाता आत्म निर्भर होगा तब ही देश की तरक्की होगी। उन्होंने गांव के विकास के लिए तीन किसानों को चारा काटने को मशीन, 25 किसानों को दवा छिड़काव मशीन, 10 किसानों को सिलाई मशीन, 15 किसानों को कोठिला तथा 110 किसानों को 10-10 किलो धान का बीज नि:शुल्क वितरित किया। डा. संजय कुमार, निदेशक, भारतीय बीज विज्ञान संस्थान, कुसुमौर ने बीज उत्पादन तकनीक पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसान बीज उत्पादन कर आत्म निर्भर बने जिससे हर साल बीज बदलने की आवश्यकता न पड़े। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष ने डॉ. एलसी वर्मा ने कहा कि रोपाई के 40-45 दिन पहले हरी खाद का प्रयोग करने से भूमि की सेहत में सुधार होता है। धान की प्रजाति पूसा सांभा 1850 अधिक पानी की सहन शक्ति, सभी प्रकार की कृषि योग्य भूमि में अच्छा उत्पादन देती है। फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. लाल पंकज सिंह ने कहा कि नर्सरी में खरपतवार नियंत्रण के लिए जमाव से पूर्व प्रिटिलाक्लोर 50 प्रतिशत ईसी 600 मिली प्रति एकड़ एवं जमाव पश्चात बिसपैरिबैक सोडियम 10 एससी 80 मिली प्रति एकड़ का छिड़काव पर्याप्त होता है। काला नमक तथा कृषि विश्वविद्याल से निकली हुई प्रजातियां सामान्य जाति के किसानों में भी वितरण किया गया। इस प्रकार सहित कुल 250 लोगों को कृषि निवेश वितरित किया गया।