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मेरिट के आधार पर स्कूलों को बनाया जायेगा केंद्र

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यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा फरवरी-मार्च में प्रस्तावित है। यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए स्कूलों की मेरिट के आधार पर केंद्र का निर्धारण किया जायेगा। इसके अलावा आठ मानक भी तय किए गए हैं। माध्यमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति का भी मानक में रखा गया है। स्मार्ट क्लास संचालन के साथ ही टॉपर देने वाले विद्यालयों को प्राथमिकता दी जायेगी।
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जिले में 517 माध्यमिक विद्यालय हैं। परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति जारी होने के बाद 125 से कम क्षमता वाले वित्तविहीन स्कूल परीक्षा केंद्र नहीं बनेंगे, लेकिन राजकीय तथा सहायता प्राप्त विद्यालयों को इसमें छूट रहेगी। इस बार भी पिछले वर्ष की तरह जियो लोकेशन के आधार पर केंद्रों का निर्धारण होगा। हालांकि ब्लॉकवार बनी प्रधानाचार्यों की कमेटी स्कूल में जाकर वहीं से स्कूलों की जियो लोकेशन का सत्यापन करेगी।
अधिकारियों की मानें तो बोर्ड से जुड़ी सूचनाएं अगर गलत दी जाएंगी तो संबंधित विद्यालय को काली सूची में डाल दिया जायेगा। स्कूलों में मेरिट बनाने के लिए आठ मानक जारी हुए हैं। इसके अनुसार जिन स्कूलों में स्मार्ट क्लास संचालित होते हैं उन्हें पांच नंबर मिलेंगे। इसके अलावा यूपी बोर्ड परीक्षा 2022 में जिला स्तर पर टापटेन में जगह बनाने वाले स्कूल को पांच और राज्य स्तर पर टाप टेन में आने वाले स्कूल को 10 अंक मिलेंगे। कक्षा कक्ष के लिये एक अंक की अपेक्षा पांच अंक मिलेंगे।
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2022 की बोर्ड परीक्षा में जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम 90 फीसदी से अधिक रहा, उन्हें 10 अंक मिलेंगे। छात्र-छात्राओं की उपस्थिति भी 80 फीसदी से कम होने पर केंद्र बनने की होड़ से स्कूल बाहर हो जाएंगे। वर्ष 2023 में होने वाली बोर्ड परीक्षा में नौ हजार 927 अधिक परीक्षार्थी बढ़ गए हैं। ऐसे में वर्ष 2022 से अधिक केंद्र बनाए जाएंगे। 2022 में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में 81464 परीक्षार्थियों के लिए 126 केंद्र बनाए गए थे, जबकि 2023 में 89626 परीक्षार्थी शामिल होंगे। ऐसे में परीक्षा केंद्रों की संख्या मेें बढ़ोत्तरी हो सकती है।
शासन की गाइडलाइन के अनुरूपपरीक्षा केंद्रों का निर्धारण किया जायेगा। बोर्ड से जुड़ी सूचनाएं अगर गलत दी जाएगी तो संबंधित विद्यालय को काली सूची में डाल दिया जायेगा।
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- देवेंद्र कुमार गुप्ता, जिला विद्यालय निरीक्षक
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