दुबारी क्षेत्र के गजियापुर का बाढ़ के पानी से टूटा संपर्क मार्ग।
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सरयू नदी का जलस्तर खतरा बिंदु से जैसे-जैसे ऊपर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे कस्बा सहित तटवर्ती इलाकों के लोगों के दिल की धड़कन बढ़ती ही जा रही है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 35 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी के रौद्र रुप धारण करने से कस्बा सहित ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है।
सरयू नदी के जलस्तर में मंगलवार को 35 सेमी की वृद्धि होने से कस्बा सहित तटवर्ती इलाकों के लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। नदी की लहरें भारत माता मंदिर की दीवारों पर टकरा रही है। नदी के उग्र रुप धारण करने से जहां नगर की भारत माता मंदिर, मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, साईं बाबा का मंदिर, डीहबाबा का मंदिर, हनुमान मंदिर, शाही मस्जिद, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला सहित ऐतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। वहीं बीबीपुर, बहादुरपुर, कोरौली, पतनई, सरया, गोधनी, पाऊस, ठाकुरगांव, गौरीडीह, नईबाजार, नवली, सरहरा, रामपुर धनौली सहित तटवर्ती गांवों में बाढ़ का पानी घुसने का खतरा बढ़ गया है। किसानों को फसलों के जलमग्न होने की चिंता सताने लगी है। बंधों पर पानी का दबाव बढ़ गया है। सिंचाई विभाग के आला अधिकारी बंधें पर पैनी नजर रख रहे हैं। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो मंगलवार को नदी का जलस्तर 70 मीटर रहा। जबकि सोमवार को जलस्तर 69.65 मीटर था। इस तरह नदी के जलस्तर में 24 घंटे में 35 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई।