नगर पालिका परिषद के सभागार में बोर्ड की बैठक में हंगामा करते सभासद।
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मऊ। नगर पालिका मऊ की बोर्ड बैठक सोमवार को नगर पालिका सभागार में नपाध्यक्ष तैयब पालकी की अध्यक्षता में हुई। दो घंटे तक चली बोर्ड की बैठक में हंगामे और शोर-शराबे के बीच 97 करोड़ के बजट का प्रस्ताव पास हुआ। बैठक में 15 से ज्यादा सभासदों ने फर्जी नियुक्ति, भ्रष्टाचार और ठेकेदारी के नाम पर बंदरबांट का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। एक समय हंगामा इतना बढ़ा कि हाथापाई के हालात बन गए , जिसे देखते हुए नगर पालिका प्रशासन को पुलिस बुलाना पड़ा। इसके बाद ही बैठक संपन्न हुई। सोमवार की सुबह करीब 11 बजे से नगर पालिका सभागार में बोर्ड बैठक शुरू की गई। जहां नपाध्यक्ष ने नगर पालिका के विकास के लिए 97 करोड़ 67 लाख 27 हजार रुपये का बजट का प्रस्ताव सभासदों के समक्ष रखा। इसी बीच 15 से ज्यादा सभासदों ने नगर पालिका में तैनात 800 से ज्यादा सफाई कर्मचारियों की सूची मांगी। आरोप था कि इसमें कई सफाई कर्मी काम नहीं करते हैं। इसका भुगतान गलत तरीके से किया जा रहा है। इसके अलावा ठेकेदारी के नाम पर बंटरबांट करने, फर्जी नियुक्तियां करने का आरोप लगाया। साथ ही नपाध्यक्ष तथा ईओ संजय मिश्रा के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस बीच अध्यक्ष पक्ष के सभासदों ने भी विरोध करने वालों के खिलाफ आवाज बुलंद की, जिस पर मामला और बिगड़ गया और नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। विवाद की परिस्थिति को देखते हुए ईओ ने कोतवाली पुलिस को इसकी सूचना दी। कुछ देर बाद बड़ी संख्या में पुलिस नगर पालिका कार्यालय पहुंच गया और हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराते हुए अपनी मौजूदगी में बैठक संपन्न कराया। नपाध्यक्ष तैयब पालकी का कहना है कि बोर्ड बैठक में 97 करोड़ से ज्यादा राशि का बजट पारित किया गया। बोले कि आठ से 10 सभासदों ने आज बैठक में हंगामा किया। बोले कि हंगामा करने वाले सभासद ठेकेदारी करते हैं। उनकी मंशा है कि उनके हंगामा करने से उनके द्वारा कराए गए काम की जांच नहीं होगी, इसलिए सभी ने हंगामा किया।