मधुबन। ग्रामीण रूटों पर रोडवेज बसें न चलने से ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। ऐसे में निजी बसों के संचानल किराए के नाम पर यात्रियों से मनमानी रकम वसूल रहे हैं। ग्रामीणों ने परिवहन विभाग से ग्रामीण रूटों पर बसें चलाने की मांग की है। मधुबन तहसील मुख्यालय से रोजाना लोगों को कई कार्यो से जिला मुख्यालय जाना होता है। लेकिन इस रूट पर रोडवेज बसों का संचालन नहीं होने से उन्हें प्राइवेट बसों और अन्य वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में जहां उनका समय बर्बाद होता है तो वहीं अधिक किराया भी देना पड़ता है। जिसके लेकर अक्सर निजी बस चालकों से उनकी कहासुनी आम बात है। निजी बस संचालक यात्रियों को सीट के मुकाबले ज्यादा सवारियां भरते हैं। इस रूट पर रोडवेज बसों का संचालन करने के लिए परिवहन निगम सहित जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत करवाया जा चुका है। लेकिन नतीजा सिफर है। क्षेत्र के अशोक सिंह, प्रमोद मल्ल, डॉ. प्रेमभूषण पांडेय, डॉ. कैलाश मौर्या आदि का कहना है कि मऊ-मधुबन रूट पर रोडवेज बसों का संचालन हो तो मधुबन वासियों को आवाजाही करने में सुगमता होगा। पुरुष तो बाइक तथा अन्य माध्यमों से गंतव्य तक पहुंच जाते हैं। लेकिन महिलाओं और छात्राओं को जिला मुख्यालय जाने के लिए अन्य विकल्प नहीं होने से काफी दुश्वारियां उठानी पड़ती हैं।