मऊ। शहर के बीचोबीच स्थित मऊ डिपो परिसर में शुक्रवार दोपहर दो बजे से यात्रियों की भीड़ अचानक बढ़ गई। कुछ वाराणसी तो कुछ को गाजीपुर जाना था। लेकिन चार घंटे तक वाराणसी के लिए एक भी रोडवेज बस नहीं मिली। स्थिति ये थी कि जो भी बस रोडवेज परिसर में बाहर से आती यात्री बैग लेकर बस की ओर दौड़ पड़ते। जब पता चलता कि ये बस वाराणसी नहीं जाएगी तो फिर उन्हें निराशा हाथ लगती। वाराणसी रूट पर रोडवेज बसों का नहीं मिलना किसी एक दिन की समस्या नहीं है। हर दिन यात्रियों को परेशान होना पड़ता है। कारण ये है कि मऊ डिपो की बसें वाराणसी नहीं जाती हैं। केवल एक अनुबंधित बस सुबह सात बजे मिर्जाहादीपुरा-रानीपुर-चिरैयाकोट होते हुए वाराणसी जाती है। फिर शाम को उसी रास्ते वापस आती है। इस बीच यदि किसी को वाराणसी जाना हो तो दूसरी डिपो की बसों से जाना पड़ता है। मऊ डिपो पर आने वाली कैंट डिपो, काशी डिपो, विंध्याचल डिपो, सोनभद्र डिपो, गाजीपुर डिपो, गोरखपुर डिपो सहित काशी परिक्षेत्र की बसें ही वाराणसी जाती हैं। लेकिन वो भी दोपहर एक बजे से पांच बजे के बीच नहीं आती हैं। दोपहर में वाराणसी जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे सुनील कुशवाहा ने बताया कि वो पत्नी और दो बच्चों के साथ दो घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं। हीराप्रसाद, हरिशंकर गुप्ता, रोली ने बताया कि उन्हें वाराणसी जाना है। लेकिन डेढ़ घंटे से वाराणसी के लिए एक भी बस नहीं आई है।