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सड़क बनी नहीं, 42.38 लाख का हो गया भुगतान

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मधुबन। सड़क बनी नहीं और उसे कागजों पर पूरा दिखाकर उसका भुगतान कर दिया गया है। ऐसा मामला जिले के मधुबन तहसील में सामने आया है। जहां वर्ष 2014 में स्वीकृत 1400 मीटर लंबे भेलउर-लठिया संपर्क मार्ग को पूरा दिखाकर स्वीकृत 42.38 लाख का भुगतान कर दिया गया। इस घोटाले की जानकारी होने पर विधान परिषद सदस्य लीलावती कुशवाहा ने पीडब्लूडी के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। प्रमुख सचिव को भेजे गए पत्र में विधान परिषद सदस्य लीलावती कुशवाहा ने बताया कि मधुबन तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा भेलउर लाठिया में वर्ष 2014 में तत्कालीन सपा सरकार द्वारा रामशरण दास सड़क योजना के तहत गांव को मधुबन-इंदरा मुख्य शहीद मार्ग से जोड़ने के लिये 1400 मीटर सड़क निर्माण के लिये 41.38 लाख कि राशि स्वीकृत हुई थी। जहां विभाग द्वारा केवल तीन सौ मीटर मिट्टी पाट कर कार्य को पूरा होना दिखाकर राशि का भुगतान कर दिया गया है। बताया कि ग्रामीणों को वर्ष 2018 में तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देकर सड़क निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा उठाने पर तहसील प्रशासन द्वारा संपर्क मार्ग के पूरा होने तथा इसका बकायदा भुगतान होने की बात कहने पर इस घोटाले की जानकारी सार्वजनिक हुई। तहसील प्रशासन द्वारा दुबारा कार्य धन न होने के चलते पूरा कराने में असमर्थता जताते हुए दुबारा बजट आवंटन के लिये विभाग को पत्र लिखने का दावा किया था। लेकिन इसके बाद भी न तो संपर्क मार्ग बना न ही सड़क घोटाले में दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई हुई। इसकी जानकारी होने पर एमएलसी ने इस मामले को लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर अवगत कराते हुए जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। इस बाबत एसडीएम लालबाबू दुबे ने बताया कि मामला उनके कार्यकाल का न होने के चलते उनके संज्ञान में नहीं है। वो मामले की जानकारी लेंगे।
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