मधुबन। तहसील मुख्यालय से देवरांचल को जोड़ने वाला छह किमी लंबे पिच मार्ग को प्रत्येक वर्ष विभाग पैच लगाकर मरम्मत कर देता है किंतु बारिश शुरू होते ही डामर गिट्टी से अलग हो जाता है और सड़क में पहले के बने जगह जगह फिर से ताजे हो जाते हैं। तहसील मुुख्यालय से देवारा क्षेत्र के हैबतपुर, सिसवा, नुरुल्लाहपुर, कमरौली, मेहदियाकुण्ड सहित दर्जनों गांवों के लोगों को आने जाने के लिए यही एक मात्र सड़क है। बारिश होते ही सड़क के गढ्ढे फिर से जस के तस हो गए हैं। बता दें कि मधुबन कसबे से भैरोपुर होते हुए सुग्गीचौरी को जाने वाला छह किमी लंबा पिच मार्ग 2015 में लगभग 2.68 करोड़ की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम विकास सड़क योजना के तहत बनकर तैयार हुआ था। इसके अनुरक्षण की अवधि यूं तो दिसंबर 2020 तक प्रभावी है। किन्तु क्षेत्रवासियों की शिकायत है कि जबसे यह मार्ग बनकर तैयार हुआ, उसी वर्ष से इस सड़क की गिट्टयां उभड़ गईं और विभाग ने पैच लगाना भी शुरू हो गया। लेकिन इस चिप्पी में भी इतना मजबूती होती है कि बारिश शुरू होतें ही डामर और गिट्टी का साथ छूट जाता है और गढ्ढा युक्त मार्ग से दर्जनों गांवों के लोग आने जाने के मजबूर हैं। क्षेत्र के डा. कैलाश मौर्य, बबलू ठठेरा, अखिलेश सिंह राठौर, डॉ नासिर अली, हरिश्चंद्र यादव, बृजेश जायसवाल, आलोक मल्ल, शिव शरण मल्ल ने बदहाल सड़कों पर गहरी चिंता जताई है।