दोहरीघाट। सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। नदी के तटवर्ती गांवों में नदी का पानी घुसने लगा है। पिछले 24 घंटों में नदी का जलस्तर 20 सेमी बढ़ा है। नदी के रौद्र रूप धारण करने से कस्बा के ऐतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 20 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई है। तटवर्ती इलाकों में पानी घुसने से हजारों एकड़ धान की फसलों के जलमग्न होने का खतरा बढ़ गया है। प्रलयंकारी लहरें भारत माता मंदिर और मुक्तिधाम की दीवारों से सीधे टकरा रही हैं। सरयू नदी के जलस्तर पर नजर डाली जाए तो सोमवार को नदी का जलस्तर 70.15 मीटर रहा। रविवार को नदी का जलस्तर 69.95 मीटर रहा। जबकि नदी के खतरा का निशान 69.90 मीटर है। जलस्तर बढ़ने नगर की ऐतिहासिक धरोहर मुक्ति धाम, भारतमाता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, दुर्गा मंदिर, डीह बाबा का मंदिर, हनुमान मंदिर, शाही मस्जिद के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। तटवर्ती इलाके रामपुर धनौली, नई बाजार, चिउटीडाड़, नवली, बहादुरपुर गोधनी, ठाकुरगांव, गौरीडीह, जमीरा चौराडीह, कोरौली बिलौली, महुआ बारी, रसूलपुर, सूरजपुर सहित विभिन्न गांवों में पानी घुसना शुरू हो गया है। इससे हजारों एकड़ फसल के जलमग्न होने की चिंता किसानों को सताने लगी है। खाकी बाबा की कुटी भारत माता मंदिर पर नदी की तेज धारा टक्कर मार रही है। वहीं धनौली रामपुर की सुरक्षा में लगे बोल्डरों पर भी पानी की नदी की लहरें टक्कर मार रही हैं।