दोहरीघाट। लगातार पांच दिन से सरयू नदी के जलस्तर में घटाव के बाद रविवार से उफान आया। नगर सहित तटवर्ती इलाकों के लोगों में कटान का भय सता रहा है। दिलों की धड़कनें तेज हो गई हैं। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 30 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी के उग्र रूप धारण करने से कस्बे सहित ऐतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। एकाएक नदी के बढ़ने से इसके किनारे स्थित भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, दुर्गा मंदिर, डीह बाबा मंदिर, हनुमान मंदिर सहित विभिन्न ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरा मंडराने लगा है। तटवर्ती इलाकों धनौली रामपुर, नई बाजार, नौली, चिउटीडांड़, बहादुरपुर, सरया, पतनई, गोधनी, ठाकुर गांव, बीबीपुर, गौरीडीह, सरासो, कोरौली, बेलौली, महुआ बारी, रसूलपुर, सूरजपुर सहित विभिन्न इलाकों में पानी घुसने की आशंका लोगों को सता रही है।
गौरी शंकर घाट पर रविवार को सरयू का जलस्तर 69 मीटर रिकार्ड किया गया। जबकि शनिवार को जलस्तर 68.70 मीटर रहा। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 30 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। नदी के खतरे का निशान 69.90 मीटर है।