सरयू नदी का जलस्तर जैसे-जैसे घट रहा है, वैसे-वैसे नदी रौद्र रूप धारण करती जा रही है। कस्बा स्थित ऐतिहासिक धरोहर भारतमाता मंदिर के समीप नदी के बैकरोलिंग (पलट प्रवाह) से कस्बे सहित ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। लेकिन सिंचाई विभाग की तरफ से बचाव के नाम पर खानापूर्ति कर इतिश्री कर ली जा रही है। सरयू के जलस्तर में लगातार हो है कमी से एक और जहां लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं नगर की सभी ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरा बना हुआ है। नदी भारत माता मंदिर, श्मशान घाट तथा खाकी बाबा की कुटी की दीवारों पर अभी भी टक्कर मार रही है। नदी के प्रबल वेग के चलते मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, खाकी बाबा कुटी, दुर्गा मंदिर, लोग निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर, हनुमान मंदिर खतरे की जद में है। गौरीशंकर घाट पर रविवार को सरयू नदी का जलस्तर 69.70 मीटर था। जबकि शनिवार को जलस्तर 69. 80 मीटर था। इस तरह नदी अब खतरा बिंदु 69.90 से 20 सेमी नीचे बह रही है। तटवर्ती इलाकों के लोगों का कहना था कि जब-जब नदी का जलस्तर घटता बढ़ता है तब-तब नदी कहर बरपाती है। नदी के उग्र रूप धारण करने से तटवर्ती इलाके के लोगों को अनिष्ट होने की चिंता खाए जा रही है।